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Agra: नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख की ठगी, केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रोफेसर और पत्नी पर FIR; जानें पूरा मामल
Sat, 30 May 2026 08:13 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 30 May 2026 08:13 AM IST
सार
आगरा में केंद्रीय हिंदी संस्थान के एक प्रोफेसर और उनकी पत्नी पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप लगा है। न्यायालय के आदेश पर हरीपर्वत थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 6 लाख रुपये लिए गए, जबकि प्रोफेसर का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है।
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केंद्रीय हिंदी संस्थान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रोफेसर और उनकी पत्नी पर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रुपये लेने का आरोप लगा है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेश चंद्र शर्मा ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर थाना हरीपर्वत पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
सुरेश चंद्र ने बताया कि डॉ. एचएस सोलंकी पहले विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और बाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान में नियुक्त हो गए। इसी दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित के बच्चों को केंद्रीय हिंदी संस्थान में नौकरी दिलवा देंगे। इसके लिए प्रति बच्चे 5 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर उन्होंने कई बार में 5 लाख रुपये प्रोफेसर की पत्नी विमला देवी के खाते में जमा किए। इसके अलावा 1 लाख रुपये नकद डॉ. सोलंकी को दिए।
रकम लेने के बाद आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार टालमटोल करते रहे। आरापियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही रुपये वापस किए। पीड़ित ने यह रकम ब्याज पर लेकर दी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं पूरे प्रकरण पर प्रोफेसर एचएस सोलंकी का कहना है कि उनका दूसरे पक्ष से समझौता हो गया है। दूसरे पक्ष ने मामले में शपथपत्र भी दे दिया है।
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सुरेश चंद्र ने बताया कि डॉ. एचएस सोलंकी पहले विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और बाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान में नियुक्त हो गए। इसी दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित के बच्चों को केंद्रीय हिंदी संस्थान में नौकरी दिलवा देंगे। इसके लिए प्रति बच्चे 5 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर उन्होंने कई बार में 5 लाख रुपये प्रोफेसर की पत्नी विमला देवी के खाते में जमा किए। इसके अलावा 1 लाख रुपये नकद डॉ. सोलंकी को दिए।
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रकम लेने के बाद आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार टालमटोल करते रहे। आरापियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही रुपये वापस किए। पीड़ित ने यह रकम ब्याज पर लेकर दी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं पूरे प्रकरण पर प्रोफेसर एचएस सोलंकी का कहना है कि उनका दूसरे पक्ष से समझौता हो गया है। दूसरे पक्ष ने मामले में शपथपत्र भी दे दिया है।
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