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एडीएम की जांच में भी नौनेर में मिलीं वित्तीय अनियमितताएं
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FINANCIAL DISOREDER FOUND IN MAINPURI
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मैनपुरी। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौनेर में विकास कार्यों की जांच में अपर जिलाधिकारी बी राम को भी वित्तीय अनियमितताएं मिलीं हैं। उन्होंने अपनी गोपनीय जांच रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को सौंप दी है। इसके बाद प्रधान पर कार्रवाई के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
नौनेर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर डीएम ने अगस्त में ग्राम प्रधान स्मृता देवी के अधिकारी सीज कर दिए थे। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव ओम शरण शाक्य को निलंबित कर दिया था। इससे बाद उन्होंने विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय समिति को सौंप दिया था।
वहीं, मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी बी. राम को नामित किया था। अपर जिलाधिकारी ने दो माह तक ग्राम पंचायत में हर पहलुओं की जांच की। इस दौरान 2.03 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता होने की पुष्टि हुई। साथ ही अपात्रों को शौचालय देने और ग्राम सभा की खुली बैठक का आयोजन न करने का भी मामला सामने आया। जांच के बाद अपर जिलाधिकारी ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को सौंपी दी है।
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3.33 लाख का घोटाला मिलने की पुष्टि की
मुख्य विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर ग्राम पंचायत में जांच कराई थी। इसमें खंड विकास अधिकारी ने जांच रिपोर्ट में 3.33 लाख का घोटाला मिलने की पुष्टि की थी। इसके बाद तीन सदस्यीय समिति ने प्राथमिक जांच के आधार पर 3.33 लाख की रिकवरी ग्राम प्रधान से करने की संस्तुति की थी।
प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव ने तलब की थी रिपोर्ट
ग्राम पंचायत नौनेर में अनियमितताओं की गूंज प्रदेश से लेकर केंद्र तक थी। मामले में लगातार कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारी आदेशित कर रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने से पहले ही प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नौनेर मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
यह था मामला
शिकायतकर्ता सर्वेश सिंह ने ग्राम पंचायत में अपात्रों को शौचालय देने, हैंडपंपों पर कब्जा और विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना भी बिना ग्राम सभा की खुली बैठक के ही लेने की शिकायत की थी। इस पर जांच हुई तो मामले सही पाए गए थे। मामले में तत्कालीन सचिव को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन प्रधान पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
नौनेर की जांच डीएम ने मुझे सौंपी थी। मैंने मामले की जांच के दौरान विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को दे दी गई है। अब विभागीय अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
-बी. राम, अपर जिलाधिकारी।
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नौनेर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर डीएम ने अगस्त में ग्राम प्रधान स्मृता देवी के अधिकारी सीज कर दिए थे। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव ओम शरण शाक्य को निलंबित कर दिया था। इससे बाद उन्होंने विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय समिति को सौंप दिया था।
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वहीं, मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी बी. राम को नामित किया था। अपर जिलाधिकारी ने दो माह तक ग्राम पंचायत में हर पहलुओं की जांच की। इस दौरान 2.03 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता होने की पुष्टि हुई। साथ ही अपात्रों को शौचालय देने और ग्राम सभा की खुली बैठक का आयोजन न करने का भी मामला सामने आया। जांच के बाद अपर जिलाधिकारी ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को सौंपी दी है।
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3.33 लाख का घोटाला मिलने की पुष्टि की
मुख्य विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर ग्राम पंचायत में जांच कराई थी। इसमें खंड विकास अधिकारी ने जांच रिपोर्ट में 3.33 लाख का घोटाला मिलने की पुष्टि की थी। इसके बाद तीन सदस्यीय समिति ने प्राथमिक जांच के आधार पर 3.33 लाख की रिकवरी ग्राम प्रधान से करने की संस्तुति की थी।
प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव ने तलब की थी रिपोर्ट
ग्राम पंचायत नौनेर में अनियमितताओं की गूंज प्रदेश से लेकर केंद्र तक थी। मामले में लगातार कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारी आदेशित कर रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने से पहले ही प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नौनेर मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
यह था मामला
शिकायतकर्ता सर्वेश सिंह ने ग्राम पंचायत में अपात्रों को शौचालय देने, हैंडपंपों पर कब्जा और विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना भी बिना ग्राम सभा की खुली बैठक के ही लेने की शिकायत की थी। इस पर जांच हुई तो मामले सही पाए गए थे। मामले में तत्कालीन सचिव को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन प्रधान पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
नौनेर की जांच डीएम ने मुझे सौंपी थी। मैंने मामले की जांच के दौरान विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को दे दी गई है। अब विभागीय अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
-बी. राम, अपर जिलाधिकारी।