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2500 शिक्षकों को सामूहिक बीमा का धन वापस मिलने की बंधी आस - वित्त नियंत्रक ने मांगा कटौती की गई रकम का ब्यौरा

Wed, 14 Sep 2022 11:03 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 14 Sep 2022 11:03 PM IST
सार

जिले में सामूहिक बीमा योजना के बंद हो जाने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के 2500 शिक्षकों के वेतन से कटौती किए गए धन के वापस मिलने की आस बंधी है। वित्त नियंत्रक ने आठ साल में योजना के तहत जमा की गई रकम का ब्यौरा शिक्षा विभाग से मांगा है। शासन ने एलआईसी के माध्यम से शिक्षकों के लिए सामूहिक बीमा योजना का शुुुुभारंभ किया।

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Finance controller asked for details of deduction of insurance money of teachers

विस्तार

कासगंज। जिले में सामूहिक बीमा योजना के बंद हो जाने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के 2500 शिक्षकों के वेतन से कटौती किए गए धन के वापस मिलने की आस बंधी है। वित्त नियंत्रक ने आठ साल में योजना के तहत जमा की गई रकम का ब्यौरा शिक्षा विभाग से मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार दो करोड़ रुपये कटौती होने का अनुमान है।
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जिले में 1263 परिषदीय स्कूल संचालित है। इन स्कूलों में वर्तमान में 3426 शिक्षक तैनात हैं। शासन ने एलआईसी के माध्यम से शिक्षकों के लिए सामूहिक बीमा योजना का शुुुुभारंभ किया। इस योजना के तहत 87 रुपये प्रतिमाह प्रीमियम निर्धारित किया गया। ताकि शिक्षक की दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम दिया जा सके। यदि दुर्घटना नहीं हुई है तो उसे सेवानिवृत्ति के बाद पालिसी की पूरी धनराशि की व्यवस्था निर्धारित की गई। एलआईसी ने अचानक वर्ष 2014 में योजना बंद कर दी। योजना बंद हो जाने के बाद नियुक्त शिक्षकों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। इसके बाद भी शिक्षा विभाग का लेखा विभाग इन नए नियुक्त शिक्षकों का प्रीमियम का धन लगातार काटता रहा। मामला संज्ञान में आने के बाद अगस्त माह में कटौती तो बंद कर दी, लेकिन अब वित्त नियंत्रक ने इस धन को शिक्षकों को वापस दिलाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। विभाग से आठ साल में शिक्षकों से की गई कटौती की धनराशि का ब्यौरा मांगा है। वित्त नियंत्रक से मिले निर्देश के बाद विभाग ब्यौरा तैयार करने में जुट गया है।
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