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आगराः एसएन मेडिकल कॉलेज बना 'अखाड़ा', जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों में जमकर मारपीट
Wed, 04 Mar 2020 12:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 04 Mar 2020 12:14 AM IST
सार
मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने को लेकर विवाद, थाने में हुआ समझौता
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार दोपहर को जूनियर डॉक्टर और मरीज के तीमारदारों में मारपीट हो गई। जूनियर डॉक्टरों ने दो तीमारदारों को कमरे में बंद कर लिया। आरोप है कि उनकी डंडे और बेल्ट से पिटाई लगाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें छुड़ाया। इधर, जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों पर मारपीट का आरोप लगाया। दोनों ओर से थाने में तहरीर दी गई। हालांकि शाम को समझौता हो गया।
कागारौल के इकराम नगर निवासी पुष्पेंद्र चाहर और योगेेंद्र मंगलवार को अपने परिचित गांव दिगरौता निवासी रोबिन सिंह को ओपीडी में दिखाने लाए थे। पुष्पेंद्र भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कि डॉक्टर के नहीं मिलने पर कक्ष संख्या तीन के बाहर खड़े होकर मोबाइल से बात कर रहे थे तभी एक कर्मचारी आकर अभद्रता करने लगा।
इसका विरोध किया तो कर्मचारी के साथ जूनियर डॉक्टर आ गए और मारपीट कर दी। वह बचने के लिए भागा, लेकिन डॉक्टरों ने पकड़ लिया और कमरे में बंद कर बेल्ट और डंडे से पिटाई की। ओपीडी में मौजूद एक व्यक्ति की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पुष्पेंद्र और योगेंद्र को छुड़ाया। दोनों ने थाना एमएम गेट में तहरीर दी।
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कागारौल के इकराम नगर निवासी पुष्पेंद्र चाहर और योगेेंद्र मंगलवार को अपने परिचित गांव दिगरौता निवासी रोबिन सिंह को ओपीडी में दिखाने लाए थे। पुष्पेंद्र भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कि डॉक्टर के नहीं मिलने पर कक्ष संख्या तीन के बाहर खड़े होकर मोबाइल से बात कर रहे थे तभी एक कर्मचारी आकर अभद्रता करने लगा।
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इसका विरोध किया तो कर्मचारी के साथ जूनियर डॉक्टर आ गए और मारपीट कर दी। वह बचने के लिए भागा, लेकिन डॉक्टरों ने पकड़ लिया और कमरे में बंद कर बेल्ट और डंडे से पिटाई की। ओपीडी में मौजूद एक व्यक्ति की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पुष्पेंद्र और योगेंद्र को छुड़ाया। दोनों ने थाना एमएम गेट में तहरीर दी।
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इधर, विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा जैमन ने बताया कि सर्जरी विभाग की ओपीडी में रोबिन सिंह आया था। वह मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाना चाहता था। इस पर उसका चेकअप किया गया तो वह एक बीमारी से ग्रसित था।
उससे इलाज कराने के लिए बोल दिया। लेकिन, वह प्रमाणपत्र बनाने का दबाव बनाने लगा। बाद में अपने साथियों को बुला लिया। उन्होंने जूनियर डॉक्टर सोनल से अभद्रता कर दी। डॉ. संदीप, डॉ. जितेंद्र और डॉ. पंकज से मारपीट कर दी। बाद में कर्मचारियों की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया। जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी तहरीर दी गई।
थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया है। दोनों ओर से लिखकर दिया गया है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
उससे इलाज कराने के लिए बोल दिया। लेकिन, वह प्रमाणपत्र बनाने का दबाव बनाने लगा। बाद में अपने साथियों को बुला लिया। उन्होंने जूनियर डॉक्टर सोनल से अभद्रता कर दी। डॉ. संदीप, डॉ. जितेंद्र और डॉ. पंकज से मारपीट कर दी। बाद में कर्मचारियों की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया। जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी तहरीर दी गई।
थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया है। दोनों ओर से लिखकर दिया गया है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।