{"_id":"64a908f296fe66a1410a422a","slug":"fiber-statues-of-navratnas-and-akbar-were-installed-in-itdc-building-in-gulistan-parking-agra-2023-07-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अकबर के नवरत्न: फतेहपुर सीकरी के दरबार में अब नवरत्नों समेत जिल्ले इलाही कैद, लगा हुआ है ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकबर के नवरत्न: फतेहपुर सीकरी के दरबार में अब नवरत्नों समेत जिल्ले इलाही कैद, लगा हुआ है ताला
Sat, 08 Jul 2023 12:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:28 PM IST
सार
पथकर निधि से गुलिस्तां पार्किंग में आईटीडीसी की इमारत में नवरत्नों व अकबर की फाइबर से बनीं प्रतिमाएं लगवाईं गईं थीं। कोरोना काल समेत तीन साल से यहां ताला लगा है।
विज्ञापन
शहंशाह अकबर और उनके नवरत्नों की फाइबर से बनीं प्रतिमाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिस फतेहपुर सीकरी से शहंशाह अकबर ने हिंदुस्तान पर राज किया, उसी सीकरी में जिल्लेइलाही शहंशाह अकबर और उनके नवरत्नों की फाइबर से बनीं प्रतिमाएं कैद हैं। सात साल पहले एडीए ने पथकर निधि से 10 लाख रुपये की लागत से शहंशाह अकबर और उनके नवरत्नों की प्रतिमाओं का दरबार तैयार कराया था। फाइबर की प्रतिमाएं चंडीगढ़ में बनाई गई थीं, जिन्हें आईटीडीसी ने गुलिस्तां पार्किंग परिसर में बनवाए गए इंटरप्रिटेशन सेंटर में रखवाया है, कोरोना काल समेत तीन साल से यहां ताला लगा है।
विज्ञापन
मुगल शहंशाह अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में आने वाले सैलानी अकबर और उनके नवरत्नों के बारे में जान सकें, इसके लिए 7 साल पहले तत्कालीन कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने 15 मार्च 2016 को गुलिस्तां पार्किंग में बनाए इंटरप्रिटेशन सेंटर में अकबर के दरबार को स्थापित कराया था।
ढाई फुट ऊंची प्रतिमाओं को दरबार के रूप में तैयार कराया गया है। इसके नीचे हिंदी और अंग्रेजी में नवरत्नों का पूरा ब्योरा दर्ज किया गया है। पर्यटकों को इन प्रतिमाओं को देखने के बाद मुगलिया दौर के दरबार की जानकारी मिल रही थी, पर 3 साल से यहां ताला लगा है। पार्किंग और बैटरी बस स्टैंड के बीच बने इंटरप्रिटेशन से ही होकर पर्यटक निकलते हैं जो ताला बंद होने के कारण इसे नहीं देख पा रहे।
ढाई फुट ऊंची प्रतिमाओं को दरबार के रूप में तैयार कराया गया है। इसके नीचे हिंदी और अंग्रेजी में नवरत्नों का पूरा ब्योरा दर्ज किया गया है। पर्यटकों को इन प्रतिमाओं को देखने के बाद मुगलिया दौर के दरबार की जानकारी मिल रही थी, पर 3 साल से यहां ताला लगा है। पार्किंग और बैटरी बस स्टैंड के बीच बने इंटरप्रिटेशन से ही होकर पर्यटक निकलते हैं जो ताला बंद होने के कारण इसे नहीं देख पा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनकी लगी हैं प्रतिमाएं
मुगल शहंशाह अकबर, मियां तानसेन, राजा बीरबल, राजा मान सिंह, राजा टोडरमल, अब्दुल कादिर बदायूंनी, अबुल फजल, अबुल फैजी, मिर्जा अजीज कोका, अब्दुल रहीम खानखाना।ये भी पढ़ें - कांवड़ यात्रा 2023: इन मार्गों से नहीं गुजर सकेंगे वाहन, पुलिस ने जारी किया नया रूट प्लान
यहां शो भी कराएं
आगरा ए्प्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने बताया कि अकबर और उनके नवरत्नों के बारे में सभी जानना चाहते हैं। यह सीकरी के लिए बड़ा आकर्षण था, इसलिए पर्यटन और एडीए को आपस में वार्ता कर इसे न केवल संचालित करना चाहिए, बल्कि यहां शो भी कराने की जरूरत है।ये भी पढ़ें - UP: एप से लिया लोन... कंपनी ने मां-बेटी को बनाया पोर्न साइट का एजेंट; युवती का फोटो न्यूड महिला के साथ जोड़ी