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मां की डांट का डर: दो किशोरियों ने छोड़ा घर, 200 किमी का सफर तय कर पहुंची वृंदावन; याद आई तो किया ये काम

Sat, 16 Dec 2023 02:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 16 Dec 2023 02:00 PM IST
सार

मां की डांट के डर से दिल्ली की दो किशोरियां घर छोड़कर वृंदावन आ गईं। बिन पैसों के दिनभर यहां के मंदिरों में घूमती रहीं। परिवार वालों की याद आई तो दोनों कोतवाली पहुंची और पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस ने परिवार के लोगों से संपर्क कर उन्हें बुलाया। दोनों किशोरियों को परिजनों को सौंप दिया।
 

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Fear of mother's scolding Two teenage girls left home reached Vrindavan
वृंदावन कोतवाली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मां की डांट के डर और घर के हालातों से परेशान होकर दो किशोरियां घर छोड़कर वृंदावन आ गईं। घर से बिना पैसे के चलीं लड़कियां मेट्रो स्टेशन पर मिले एक अंकल की सहायता से वृंदावन बस से आईं। रातभर वृंदावन की सड़कों पर घूमीं, सुबह मंदिरों के दर्शन किए फिर परिजनों की याद आई तो वह कोतवाली पहुंच गईं। पुलिस ने दोनों किशोरियों को परिजनों को सौंप दिया।
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दिल्ली के नरेला क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी अपनी क्लासमेट दिल्ली के ही नरायणा क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय कक्षा नौ की छात्रा के साथ मेट्रो स्टेशन के पास बस से बृहस्पतिवार की रात को वृंदावन आ गईं। दोनों रातभर वृंदावन की गलियों में घूमीं, सुबह होने पर उन्होंने मंदिरों के दर्शन किए और फिर परिजनों को याद किया, तभी एक महिला श्रद्धालु से पिता से संपर्क करने के लिए फोन मांगा। श्रद्धालु महिला दोनों लड़कियों को लेकर कोतवाली पहुंची। कोतवाली पुलिस ने लड़कियों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें बुलाकर सौंप दिया।
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पुलिस पूछताछ में 15 वर्षीय किशोरी ने बताया कि वह क्लासमेट के घर पढ़ने गई थी। वहां से घर आने में देरी हो गई। मां की डांट की वजह से वह घर नहीं गई और प्लान बनाया कि वृंदावन चलते हैं। उसकी दोस्त ने बताया कि उसके पिता और मां में तलाक हो गया है। वह मां के साथ रह रही है। घर में परेशानी है। इस वजह से दोनों वृंदावन आ गए। वृंदावन एक धार्मिक स्थल है, यहां लड़कियों के लिए किसी तरह का डर नहीं है। दिल्ली बस स्टेशन पर मिले एक अंकल ने उन्हें वृंदावन आने में सहायता की। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि दो नाबालिग लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया है।
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