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Agra News: 14 साल से लेदर पार्क में हो रही खेती, जूता मंडी पड़ी है खाली

Tue, 22 Nov 2022 03:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 22 Nov 2022 03:21 PM IST
सार

जिले में 2.50 लाख से अधिक परिवार चमड़ा उद्योग पर निर्भर हैं, जिनके लिए जूता मंडी और लेदर पार्क की दो योजनाओं पर 150 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया, लेकिन 14 साल से लेदर पार्क में खेती हो रही है।

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Farming is being done in Leather Park for 14 years shoe market is lying empty in agra
लेदर पार्क में हो रही खेती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बनीं योजनाएं धरातल पर दम तोड़ रही हैं। 14 साल से लेदर पार्क नहीं बना। पार्क के लिए तय की गई जमीन पर खेती हो रही है। पंचकुइयां स्थित जूता मंडी में दुकानें व गोदाम की बिक्री नहीं हुई है। ये खाली पड़े हैं। दोनों योजनाओं पर 150 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। दोनों योजनाएं जूता उद्योग से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी नहीं हो सकीं।
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आगरा में 2.50 लाख से अधिक परिवार चमड़ा उद्योग पर निर्भर हैं। वर्ष 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में दो योजनाएं बनाई गईं। शहर से 17 किमी दूर आगरा-जयपुर हाईवे पर महुअर गांव के पास करीब 283 एकड़ भूमि में लेदर पार्क की नींव रखी गई। 350 करोड़ रुपये से इसका निर्माण होना था। वर्ष 2010 में 100 करोड़ रुपये दिए गए। 2013 में पर्यावरणीय कारणों से लेदर पार्क पर रोक लग गई। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 
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वहीं पंचकुइयां पर जूता प्रदर्शनी, प्रशिक्षण एवं कल्याण केंद्र (जूता मंडी) की नींव रखी गई। इस मंडी में जूता बनाने वाले छोटे-छोटे कारीगरों के सामान की बिक्री की जानी थी। इसमें 268 दुकानें और 22 गोदाम हैं। आगरा विकास प्राधिकरण 14 साल में जूता मंडी में सभी दुकानें व गोदाम आवंटित नहीं कर पाया। जो दुकानें आवंटित हुईं वह खुली नहीं। ऐसे में जूता उद्योग से जुड़े लोगों के लिए जूता मंडी उपयोगी नहीं हो पाई। जूता मंडी 50 करोड़ रुपये से अधिक में बनी थी।
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ये प्रोजेक्ट भी अधूरे

- ताजमहल के पीछे नगला पैमा में रबर चेक डेम
- एत्मादपुर के रहनकलां में सेवन थीम पार्क
- टेक्सटाइल पार्क और इंडस्ट्रियल पार्क
- खेरिया हवाई अड्डे में सिविल एंकलेव
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस पर हेलीपैड

नहीं मिले आवेदन

आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि जूता प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए सील बंद बिड आमंत्रित की गई थीं। दो साल से कोई भी आवेदन नहीं आया। बोली दाताओं से फिर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

बोर्ड बैठक में उठा था मुद्दा

जूता मंडी में खाली दुकानों का मुद्दा आगरा विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में उठा था। प्राधिकरण अध्यक्ष एवं कमिश्नर अमित गुप्ता ने मंडी में बंद पड़े काउंटर्स को खुलवाने के निर्देश दिए थे। नार्मल कंपाउंड स्थित जूता मंडी का कॉम्पलेक्स चार मंजिल है। यहां 300 से अधिक लोग कारोबार कर सकते हैं।

मुआवजा के बाद फिर खेती

लेदर पार्क में पहले चरण में 71 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का मुआवजा भी यूपीएसआईडीसी ने बांट दिया। काम आगे नहीं बढ़ा तो किसानों ने लेदर पार्क की जमीन को जोत कर उस पर खेती शुरू कर दी।
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