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सांड के हमले में किसान की मौत
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बाह में सांड के हमले में गई किसान की जान, खेत में फसल की रखवाली को गये थे , पास पडोस के किसानों ने खदे?
- फोटो : Agra Dehat
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बाह। बुधवार तड़के विक्रमपुर गांव में खेत में फसल की रखवाली कर रहे पालीराम (45) की सांड़ के हमले में जान चली गई। किसान की मौत के बाद भी सांड़ हमला करता रहा तो आसपास के किसानों ने किसी प्रकार सांड़ को खदेड़ा।
पालीराम ने छह बीघा खेत में गेहूं और सरसों बोई थी। मंगलवार रात वह फसल की रखवाली के लिए खेत पर गए थे। पालीराम के भाई सरवीर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे खेत में घुसे सांड़ ने भगाने के दौरान पालीराम पर हमला कर दिया। हमले के दौरान खेत में पालीराम के गिरने के बाद भी सांड़ नहीं हटा। आसपास के किसानों ने किसी प्रकार सांड़ को खदेड़ा। तब तक पालीराम की मौत हो चुकी थी। ग्राम प्रधान शैतान सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
18 जनवरी को भी विक्रमपुर गांव में सांड़ ने खेत की रखवाली कर रहे किसानों पर हमला किया था। इसमें सोवरन सिंह, धमन सिंह, मुन्नीलाल चुटैल हो गए थे। खदेड़ने पर सांड़ ने किसानों को दौड़ा लिया था। बाद में वन विभाग की टीम ने सांड़ को पकड़ कर बीहड़ में छोड़ा था।
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पालीराम ने छह बीघा खेत में गेहूं और सरसों बोई थी। मंगलवार रात वह फसल की रखवाली के लिए खेत पर गए थे। पालीराम के भाई सरवीर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे खेत में घुसे सांड़ ने भगाने के दौरान पालीराम पर हमला कर दिया। हमले के दौरान खेत में पालीराम के गिरने के बाद भी सांड़ नहीं हटा। आसपास के किसानों ने किसी प्रकार सांड़ को खदेड़ा। तब तक पालीराम की मौत हो चुकी थी। ग्राम प्रधान शैतान सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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18 जनवरी को भी विक्रमपुर गांव में सांड़ ने खेत की रखवाली कर रहे किसानों पर हमला किया था। इसमें सोवरन सिंह, धमन सिंह, मुन्नीलाल चुटैल हो गए थे। खदेड़ने पर सांड़ ने किसानों को दौड़ा लिया था। बाद में वन विभाग की टीम ने सांड़ को पकड़ कर बीहड़ में छोड़ा था।
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