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यूपी: फर्जी शिक्षक की पत्नी ने खोली पोल, बीएसए ने किया बर्खास्त, अब होगी वेतन की वसूली
Thu, 14 Jan 2021 05:18 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 14 Jan 2021 05:18 PM IST
सार
- आरोपी युवक ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाई थी। विवाद होने पर पत्नी ने उसकी शिकायत कर दी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षक की पोल उसकी पत्नी ने ही खोल दी। जांच में आरोपी शिक्षक का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद जांच समिति ने शिक्षक को बर्खास्त कर दिया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अरविंद पाठक ने शिक्षक को बर्खास्त करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए हैं। बताया जा रहा है पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। इस पर पत्नी ने विभाग से उसकी शिकायत कर दी थी।
देवेश सिंह पुत्र रमेश चंद्र की नियुक्ति बीटीसी 2008 के तहत प्राथमिक विद्यालय रजौरा में सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। देवेश सिंह ने एक जुलाई 2011 को विद्यालय में ज्वाइन किया था। वर्तमान देवेश टूंडला ब्लाक के प्राइमरी स्कूल ठारखूबी में तैनात था।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अरविंद पाठक ने शिक्षक को बर्खास्त करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए हैं। बताया जा रहा है पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। इस पर पत्नी ने विभाग से उसकी शिकायत कर दी थी।
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देवेश सिंह पुत्र रमेश चंद्र की नियुक्ति बीटीसी 2008 के तहत प्राथमिक विद्यालय रजौरा में सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। देवेश सिंह ने एक जुलाई 2011 को विद्यालय में ज्वाइन किया था। वर्तमान देवेश टूंडला ब्लाक के प्राइमरी स्कूल ठारखूबी में तैनात था।
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पति-पत्नी में चल रहा है विवाद
देवेश और उसकी पत्नी मनीषा पाल में विवाद चल रहा है। मनीषा ने बेसिक शिक्षा विभाग में जाति प्रमाणपत्र के फर्जी होने की शिकायत की थी। आरोप था कि देवेश अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से है। जबकि अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पा ली है।
जांच में पता चला कि देवेश सिंह पुत्र रमेशचंद्र धनगर निवासी स्वामी नगर रेलवे स्टेशन शिकोहाबाद की जाति वास्तविक रूप में गड़रिया है जो अन्य पिछड़ा वर्ग के आती है। जबकि देवेश ने गलत सूचना देकर धनगर जाति का प्रमाणपत्र बना लिया था।
सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद आरोपी शिक्षक को जांच समिति ने सुनवाई के लिए बुलाया था, लेकिन आरोपी शिक्षक समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ। समिति ने आरोपी का फर्जी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया।
बीएसए अरविंद पाठक ने बताया कि जांच समिति के निर्णय के अनुसार फर्जी शिक्षक देवेश को बर्खास्त कर दिया है। एबीएसए को निर्देश दिए हैं कि संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। शिक्षक से वेतन वसूली भी की जाएगी।
देवेश और उसकी पत्नी मनीषा पाल में विवाद चल रहा है। मनीषा ने बेसिक शिक्षा विभाग में जाति प्रमाणपत्र के फर्जी होने की शिकायत की थी। आरोप था कि देवेश अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से है। जबकि अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पा ली है।
जांच में पता चला कि देवेश सिंह पुत्र रमेशचंद्र धनगर निवासी स्वामी नगर रेलवे स्टेशन शिकोहाबाद की जाति वास्तविक रूप में गड़रिया है जो अन्य पिछड़ा वर्ग के आती है। जबकि देवेश ने गलत सूचना देकर धनगर जाति का प्रमाणपत्र बना लिया था।
सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद आरोपी शिक्षक को जांच समिति ने सुनवाई के लिए बुलाया था, लेकिन आरोपी शिक्षक समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ। समिति ने आरोपी का फर्जी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया।
बीएसए अरविंद पाठक ने बताया कि जांच समिति के निर्णय के अनुसार फर्जी शिक्षक देवेश को बर्खास्त कर दिया है। एबीएसए को निर्देश दिए हैं कि संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। शिक्षक से वेतन वसूली भी की जाएगी।