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अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद फर्जी शिक्षक सीडी की ढाई साल बाद फिर से जांच शुरू

Wed, 08 Jul 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 08 Jul 2020 12:08 AM IST
सार

  • प्रथम सीडी में थे 81 शिक्षक
  • 77 में से मात्र चार की सेवा हुई है समाप्त
  • अभी तक मात्र चार शिक्षकों की डिग्री फर्जी घोषित
  • 42 फर्जी बीएड डिग्री शिक्षक। 
  • 35 टैंपर्ड बीएड डिग्री शिक्षक।  
     

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Fake Teacher CD Starts Investigation Again After Anamika Case
फर्जी शिक्षिका प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई तेज होती जा रही है। शासन के अपर सचिव ने बीएसए को पत्र भेजकर विशेष जांच दल (एसआईटी) सूची में शामिल शिक्षकों पर अब तक कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। बीएसए ने एसआईटी द्वारा भेजी गई सीडी से जिले के शिक्षकों की फिर से जांच के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को सीडी से मिलान के बाद बीएसए को जांच पूरी करने का प्रमाणपत्र भी देना होगा। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री के मामले का खुलासा वर्ष 2017 में एसआईटी ने किया था। उस समय एसआईटी ने विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्रदेश में शिक्षक बनने वाले 5213 फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार कर सीडी बीएसए को भेजी थी।
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बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों से सीडी से जिले में तैनात शिक्षकों के मिलान के निर्देश दिए थे। जांच के बाद सीडी में जिले के 77 शिक्षकों को शामिल माना गया। अपर सचिव शासन का पत्र पहुंचने के बाद बीएसए ने एक बार फिर से खंड शिक्षाधिकारियों को एसआईटी से भेजी गई सीडी से अपने विकास खंड में तैनात शिक्षकों की जांच व मिलाने करने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को दो दिन के अंदर सीडी से मिलाने के बाद इस बात का प्रमाणपत्र देना होगा कि सीडी में शामिल सभी शिक्षकों को फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल करा दिया गया है। 

77 में से मात्र चार की सेवा हुई है समाप्त 
एसआईटी की सूची में शामिल जिले में कार्यरत 77 फर्जी शिक्षकों में से 74 शिक्षकों की 30 नवंबर 2019 को सेवा समाप्त की गई थी लेकिन मामला कोर्ट में जाने के बाद वे वर्तमान में कोर्ट के आदेश पर बिना वेतन के नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट के आदेश हैं कि जब तक विश्वविद्यालय उनकी मार्कशीट को निरस्त नहीं करता तब तक उन्हें बिना वेतन के ही नौकरी करने दी जाए। विश्वविद्यालय ने अभी तक मात्र चार शिक्षकों की डिग्री फर्जी घोषित की है। जिन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।

प्रथम सीडी में थे 81 शिक्षक 
वर्ष 2017 में बीएसए कार्यालय को एसआईटी द्वारा भेजी गई सूची में मैनपुरी में तैनात शिक्षकों की संख्या 81 थी लेकिन बाद में आई संशोधित सीडी में यह संख्या घटकर 77 रह गई। एक बार फिर से मानव संपदा पोर्टल से जब जांच हुई तो यह संख्या 81 ही निकल रही है। आखिर संशोधित सीडी में चार शिक्षकों के नाम कम कैसे हुए यह भी जांच का सवाल है। 

सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के अंदर एसआईटी से प्राप्त सीडी का अपने विकास खंड में तैनात शिक्षकों से मिलान कर लें। कोई भी शिक्षक छूटने नहीं चाहिए। सीडी मिलान का प्रमाणपत्र भी खंड शिक्षाधिकारियों से मांगा गया है।  विजय प्रताप सिंह बीएसए 
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