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सावधान: 'आपके वाहन ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया है', एक लिंक और मोबाइल हैक; खाता हो जाएगा खाली
Tue, 15 Sep 2026 11:17 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:17 AM IST
सार
साइबर ठग व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट से ग्रुप बनाकर ‘मोटर ट्रैकिंग’ के नाम पर फर्जी संदेश भेज रहे हैं और चालान का डर दिखाकर लोगों से एप डाउनलोड करा रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक होने और खाते में सेंध लगने का खतरा है। साइबर पुलिस ने संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी है।
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मैसेज
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
आपके वाहन ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया है। अधिक जानकारी के लिए एप्लीकेशन डाउनलोड करें। यह मैसेज के साथ अटैच है। मैसेज ट्रैफिक पुलिस की ओर से भेजा गया है। सभी देय का भुगतान करें...। इन दिनों ऐसे मैसेज लोगों के मोबाइल पर आ रहे हैं। साइबर थाने की पुलिस ने लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। कहा है कि जरा सी चूक से खाते में सेंध लग सकती है।
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए रोजाना नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं में एक यातायात चालान के नाम पर ठगी है। यातायात पुलिस इन दिनों चालान की कार्रवाई कैमरों से कर रही है। चालान कटने के बाद मोबाइल पर मैसेज भी रिसीव होता है। इस मैसेज में ही शमन शुल्क जमा करने के लिए लिंक भी दिया जाता है। इस तरीके को भी अब साइबर अपराधी ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं।
डर से नहीं, समझदारी से काम लें
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि किसी भी संदेश को पढ़कर डर से नहीं, समझदारी से काम लेना चाहिए। चालान के नाम पर डराकर तत्काल भुगतान कराने वाले संदेशों की पहले पुष्टि करें। चालान की धनराशि सरकार की ओर से जारी अधिकृत पोर्टल पर ही जमा करनी चाहिए। यदि संदेश संदिग्ध लगे तो उस पर क्लिक करने के बजाय सीधे संबंधित सरकारी पोर्टल या विभाग के अधिकृत माध्यम से चालान की स्थिति जांचें। किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। अनजान लोगों के काॅल आने पर सावधान रहे हैं। कोई कार्रवाई का डर दिखाकर रकम की मांग करता है तो समझ जाएं कि ठगी होने वाली है।
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साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए रोजाना नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं में एक यातायात चालान के नाम पर ठगी है। यातायात पुलिस इन दिनों चालान की कार्रवाई कैमरों से कर रही है। चालान कटने के बाद मोबाइल पर मैसेज भी रिसीव होता है। इस मैसेज में ही शमन शुल्क जमा करने के लिए लिंक भी दिया जाता है। इस तरीके को भी अब साइबर अपराधी ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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डर से नहीं, समझदारी से काम लें
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि किसी भी संदेश को पढ़कर डर से नहीं, समझदारी से काम लेना चाहिए। चालान के नाम पर डराकर तत्काल भुगतान कराने वाले संदेशों की पहले पुष्टि करें। चालान की धनराशि सरकार की ओर से जारी अधिकृत पोर्टल पर ही जमा करनी चाहिए। यदि संदेश संदिग्ध लगे तो उस पर क्लिक करने के बजाय सीधे संबंधित सरकारी पोर्टल या विभाग के अधिकृत माध्यम से चालान की स्थिति जांचें। किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। अनजान लोगों के काॅल आने पर सावधान रहे हैं। कोई कार्रवाई का डर दिखाकर रकम की मांग करता है तो समझ जाएं कि ठगी होने वाली है।
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