फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   fake insurance of vehicles exposed in agra

Exclusive: आगरा में मोपेड के नंबर पर ट्रक का बीमा, जांच के दौरान बड़े पैमाने पर हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

Thu, 02 Jun 2022 11:45 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 02 Jun 2022 11:45 AM IST
सार

आरटीओ ने वाहन सॉफ्टवेयर में कंपनी से बीमित वाहनों की जांच करवाई तो 900 से अधिक गाड़ियां ऐसी पाई गईं, जिनके थर्ड पार्टी बीमा छोटी गाड़ियों के नाम पर लिए गए थे। 

विज्ञापन
fake insurance of vehicles exposed in agra
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

आगरा के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से बीमा कराने के मामले सामने आए हैं। बेंगलुरु की बीमा कंपनी एको जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड ने फर्जी तरीके से बीमा कराने वाले वाहनों की सूची आरटीओ में भेजी है। इसके बाद बीमित गाड़ियों की जांच की गई तो 900 से अधिक कार, तिपहिया और दोपहिया वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा फर्जी पाए गए। इसमें मोपेड व स्कूटर जैसी दोपहिया गाड़ियों की पॉलिसी को ट्रक, कार, ऑटो जैसी गाड़ियों का बीमा दर्शाकर लगाया जा रहा था। इस पर आरटीओ ने इन सभी गाड़ियों को काली सूची में डाल दिया है।

विज्ञापन


आरटीओ में वाहन की फिटनेस (स्वस्थता जांच), स्वामित्व हस्तांतरण समेत अन्य कार्यों के लिए बीमा पॉलिसी देनी होती है। आरटीओ में एको जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड, बेंगलुरु के मैनेजर ने सूचना दी कि उनकी कंपनी के नाम से फर्जी बीमा करवाए जा रहे हैं। इस पर आरटीओ ने वाहन सॉफ्टवेयर में इसी कंपनी से बीमित वाहनों की जांच करवाई तो 900 से अधिक गाड़ियां ऐसी पाई गईं, जिनके थर्ड पार्टी बीमा छोटी गाड़ियों के नाम पर लिए गए थे। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद आरटीओ ने फर्जी बीमा से बीमित पाई गईं 900 गाड़ियों को काली सूची में डाल दिया है। ऐसे में इन गाड़ियों की फिटनेस, ट्रांसफर समेत अन्य कोई कार्य नहीं हो सकेगा।

विज्ञापन

सभी मामले थर्ड पार्टी बीमा के हैं

एआरटीओ प्रशासन एके सिंह ने बताया कि जब कोई वाहन स्वामी आता है तो उससे पूछा जाता है कि उसने बीमा कहां से करवाया। वह स्पष्टीकरण दे। वाहन स्वामी की मिलीभगत प्रतीत नहीं होने पर गाड़ी को काली सूची से हटा दिया जाएगा। अभी तक 900 गाड़ियों को काली सूची में डाला जा चुका है। यह सभी मामले थर्ड पार्टी बीमा के हैं। जिनमें छोटी गाड़ियों का बीमा करके बड़ी गाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

गाड़ी से दुर्घटना होने पर नहीं मिलेगा क्लेम

व्यावसायिक गाड़ियां या कार आदि का फर्जी बीमा होने पर दुर्घटना होने या गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने पर बीमा कंपनी क्लेम नहीं देगी। परिवहन अधिकारियों ने बताया कि थर्ड पार्टी बीमा का प्रीमियम महंगा हो गया है। ऐसे में फर्जी बीमा के मामले बढ़ गए हैं। लोगों को अधिकृत वेंडर और कंपनी से ही बीमा करवाना चाहिए।

बीमा कंपनी करवा रही है जांच

एआरटीओ ने बताया कि फर्जी बीमा मामले की जांच बीमा कंपनी अपने स्तर से करवा रही है। आरटीओ के बाहर भी फर्जी बीमा कराने वालों की निगरानी की जा रही है। पकड़ में आने में उसके खिलाफ आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिटनेस व ट्रांसफर में बीमे का बार कोड स्कैन करें

एआरटीओ ने सभी पटलों के लिपिकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी गाड़ी के बीमा की जांच के बाद ही कार्य करें। बीमा पॉलिसी के बार कोड व क्यूआर कोड को स्कैन करके इसकी जांच की जाए। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed