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UP: कहीं आपकी कार या बाइक पर तो नहीं लगी ऐसी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, हुई ये गलती तो जाना पड़ेगा जेल

Tue, 22 Aug 2023 10:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 22 Aug 2023 10:13 AM IST
सार

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल चल रहा है। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि आपके वाहन पर लगी नंबर प्लेट नकली है या असली। यदि चेकिंग के दौरान ये नंबर प्लेट नकली पाई जाती है, तो आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। 
 

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Fake high security number plate installed on your car or bike if this mistake you will have to go to jail
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आपके वाहन पर फर्जी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगी है, तो सावधान हो जाएं। फर्जी एचएसआरपी लगाने पर संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाता है। इस स्थिति में वाहन स्वामी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। एचएसआरपी अधिकृत डीलर से ही लगवाएं। असली और नकली नंबर प्लेट की पहचान वाहन साॅफ्टवेयर से हो सकती है।
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एक अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी गई। नंबर प्लेट न होने पर चालान शुरू हो गए हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट कंपनी से आने में 15 दिन का समय लगता है। जल्दी के चक्कर में लोग फर्जी नंबर प्लेट बनाने वाले गिरोह के चंगुल में फंसने लगे। फर्जी नंबर प्लेट पर असली नंबर प्लेट की तरह होलोग्राम, कोड अंक और बोल्ट तक लगा दिए जाते हैं।

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फिटनेस चेकिंग के दौरान नहीं होती जांच

कॉमर्शियल वाहनों की हर वर्ष आरटीओ में फिटनेस चेकिंग होती है। फिटनेस जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। हाई सिक्योरिटी प्लेट लगी होने के बाद कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। वाहन साॅफ्टवेयर पर जांच तक नहीं की जाती है। उसी का नतीजा है कि फर्जी नंबर प्लेट का कारोबार तेजी से बढ़ा।

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चेसिस और प्लेट नंबर में मिलता है अंतर

आरटीओ (प्रवर्तन) केडी सिंह ने बताया कि किसी वाहन का चालान नंबर प्लेट के आधार पर होता है। वाहन साॅफ्टवेयर पर नंबर अंकित कर सारी डिटेल ली जाती है। कई वाहन के चेसिस नंबर और प्लेट नंबर में अंतर आता है। उस से फर्जी नंबर प्लेट की जानकारी होती है। इस पर वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाता है।

इनका रखें ध्यान

- एचएसआरपी का ऑनलाइन आवेदन होता है, सीधे कोई नहीं बना सकता है।
- एचएसआरपी का ऑनलाइन आवेदन करने के समय मोबाइल नंबर अपना दें, किसी बाहरी का नहीं।
- आवेदन के बाद आपके मोबाइल पर नंबर प्लेट को लेकर मैसेज आता है।
- मैसेज में अधिकृत वाहन डीलर की जानकारी भी दी जाती है।
- नंबर प्लेट तैयार होने पर भी मैसेज आता है, तब डीलर से नंबर प्लेट वाहन पर लगवा सकते हैं।
- तीन और चार पहिया वाहन की एचएसआरपी के साथ एक स्टीकर भी दिया जाता है, जो वाहन के आगे वाले शीशे पर लगाया जाता है।
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