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UP: जमीन हड़पने के लिए बन गया फर्जी बेटा, पिता को जीते जी मार डाला; मामला जान पुलिस भी चकरा गई
Fri, 14 Feb 2025 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:50 PM IST
सार
आधार कार्ड पिता का नाम बदलवा दिया। इसके बाद जमीन पर दावा करने लगा। पुलिस ने जांच की तो सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
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फ्रॉड।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कासगंज में जमीन हड़पने के लिए एक व्यक्ति ने खुद को फर्जी पुत्र बना लिया। इतना ही नहीं, उसने पिता के नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी मथुरा के गोवर्धन में बनवा लिया। मामला जानकारी में आने के बाद एसपी के आदेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला जय-जयराम निवासी समर्थ चांडक व उसकी मां उर्मिला चांडक ने 11 फरवरी 2022 को गांव तरोरा में गिरीश चंद्र माहेश्वरी निवासी कासगंज, हाल निवासी जेवले मदीनागुडा, क्यामपुर, हैदराबाद, तेलंगाना से जमीन खरीदी। सात फरवरी 2022 को इसका इकरार नामा हुआ।
रमेश चंद्र नाम के एक व्यक्ति ने आधार कार्ड में फर्जी तरीके से पिता का नाम गिरीश चंद्र माहेश्वरी निवासी गली नंबर पांच शास्त्री नगर पूर्वी दिल्ली दर्ज करा लिया। उसने अपने फर्जी पिता का 2003 में गोवर्धन मथुरा से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया। इसके बाद उर्मिला द्वारा खरीदी गई जमीन पर दावा करने लगा।
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इसके बाद जब मामले की जांच की तो पता चला कि गिरीश चंद्र माहेश्वरी का रमेश चंद्र नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसके साथ मृत्यु प्रमाणपत्र भी फर्जी है। उसने एसपी अंकिता शर्मा से इसकी शिकायत की। एसपी ने कोतवाली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज के आदेश दिए।
पुलिस ने एसपी के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने बताया कि पुलिस ने एसपी के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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मोहल्ला जय-जयराम निवासी समर्थ चांडक व उसकी मां उर्मिला चांडक ने 11 फरवरी 2022 को गांव तरोरा में गिरीश चंद्र माहेश्वरी निवासी कासगंज, हाल निवासी जेवले मदीनागुडा, क्यामपुर, हैदराबाद, तेलंगाना से जमीन खरीदी। सात फरवरी 2022 को इसका इकरार नामा हुआ।
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रमेश चंद्र नाम के एक व्यक्ति ने आधार कार्ड में फर्जी तरीके से पिता का नाम गिरीश चंद्र माहेश्वरी निवासी गली नंबर पांच शास्त्री नगर पूर्वी दिल्ली दर्ज करा लिया। उसने अपने फर्जी पिता का 2003 में गोवर्धन मथुरा से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया। इसके बाद उर्मिला द्वारा खरीदी गई जमीन पर दावा करने लगा।
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इसके बाद जब मामले की जांच की तो पता चला कि गिरीश चंद्र माहेश्वरी का रमेश चंद्र नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसके साथ मृत्यु प्रमाणपत्र भी फर्जी है। उसने एसपी अंकिता शर्मा से इसकी शिकायत की। एसपी ने कोतवाली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज के आदेश दिए।
पुलिस ने एसपी के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने बताया कि पुलिस ने एसपी के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।