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धोखाधड़ी कर बनवाया भाई मृत्युप्रमाण पत्र, खुलासा होने पर पालिका में मची खलबली
Wed, 12 Feb 2020 11:31 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 12 Feb 2020 11:31 AM IST
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एक युवक ने धोखाधडी कर अपने भाई की मृत्यु का गलत प्रमाणपत्र जारी करा लिया। मामले का खुलासा होने के बाद पालिका ने प्रमाणत्र निरस्त कर दिया है। इसके बाद पालिका ने इस मामले में जांच बैठा दी है। जांच अधिकारी मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।
हृदेश पुत्र प्रताप सिंह निवासी आशोक नगर की चार मार्च को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उसके भाई दिनेश ने 12 जून को ऑनलाइन आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन में उसने मृत्यु की दिनांक 25 अप्रैल 2019 भर दी लेकिन जांच अधिकारी ने जांच करते समय इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि मृत्यु की दिनांक कौन सी है। उसने भरी गई दिनांक के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट लगा दी।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पालिका ने 24 जून को प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस बीच पालिका के संज्ञान में आया कि आवेदक ने गलत तथ्यों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करा लिया है तो पालिका में खलबली मच गई।
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हृदेश पुत्र प्रताप सिंह निवासी आशोक नगर की चार मार्च को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उसके भाई दिनेश ने 12 जून को ऑनलाइन आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन में उसने मृत्यु की दिनांक 25 अप्रैल 2019 भर दी लेकिन जांच अधिकारी ने जांच करते समय इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि मृत्यु की दिनांक कौन सी है। उसने भरी गई दिनांक के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट लगा दी।
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जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पालिका ने 24 जून को प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस बीच पालिका के संज्ञान में आया कि आवेदक ने गलत तथ्यों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करा लिया है तो पालिका में खलबली मच गई।
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पालिका ने इसके बाद प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। प्रमाणपत्र निरस्त करने के बाद अब पालिका यह जानने का प्रयास कर रही है कि अखिर इस मामले में मृतक के भाई दिनेश ने तथ्यों में हेरफेर क्यों किया। इसके साथ ही इस बात की भी जाचं कराई जा रही है कि जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट लगाते समय सही तथ्यों पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
आवेदन की यह है प्रक्रिया
-मृत्यु के एक माह के भीतर करना होता है आवेदन
-मृतक व आवेदक को लगाना होता है आईडी प्रूफ
-एक साल के बाद आवेदन पर देना होता है शपथ पत्र, व एसडीएम की अनुमति
-हादसे में मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व चिकित्सक की रिपोर्ट भी करनी होती है संलग्र
मृत्युप्रमाण पत्र के मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवेदक एंव जांच रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी-लवकुश गुप्ता, अधिशासी अधिकारी
आवेदन की यह है प्रक्रिया
-मृत्यु के एक माह के भीतर करना होता है आवेदन
-मृतक व आवेदक को लगाना होता है आईडी प्रूफ
-एक साल के बाद आवेदन पर देना होता है शपथ पत्र, व एसडीएम की अनुमति
-हादसे में मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व चिकित्सक की रिपोर्ट भी करनी होती है संलग्र
मृत्युप्रमाण पत्र के मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवेदक एंव जांच रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी-लवकुश गुप्ता, अधिशासी अधिकारी