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फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण: आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में जुटी एसटीएफ, हथियारों को बरामद करने का प्रयास
Sun, 08 Jun 2025 12:01 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:01 PM IST
सार
एसटीएफ सबसे पहले शिव कुमार सारस्वत और उसके बेटे भूपेंद्र सारस्वत की तलाश कर रही है। अवैध और फर्जी लाइसेंस की जांच उन तक ही पहुंच रही है।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों की जांच कर रही एसटीएफ के हाथ अब तक खाली हैं। साक्ष्य जुटाने के बाद भी एसटीएफ किसी आरोपी से पूछताछ नहीं कर सकी है। जिस शिव कुमार सारस्वत ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और शोभित चतुर्वेदी को शस्त्र बेचे थे। एसटीएफ उसे और उसके बेटे को तलाश रही है।
नाई की मंडी थाने में दर्ज केस में एसटीएफ ने मोहम्मद जैद खान, मोहम्मद अरशद खान, राजेश कुमार बघेल, शिव कुमार सारस्वत, भूपेंद्र सारस्वत, रिटायर्ड असलहा बाबू संजय कपूर व शोभित चतुर्वेदी को आरोपी बनाया है। विवेचना एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह को मिली है। उन्होंने साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि सबसे पहले वादी मुकदमा के बयान दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ सबसे पहले शिव कुमार सारस्वत और उसके बेटे भूपेंद्र सारस्वत की तलाश कर रही है। अवैध और फर्जी लाइसेंस की जांच उन तक ही पहुंच रही है। पूर्व में उनके बयान दर्ज किए गए थे। तीन महीने का समय दिया गया मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि दो पिस्टलें बेची थीं, वे कहां से खरीदी थीं।
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एसटीएफ को शक है कि ये हथियार अवैध हैं। वैध होते तो जहां से खरीदे गए होते वहां की रसीद जरूर होती। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुछ नहीं बताया। एसटीएफ को तीन नई शिकायतें मिली हैं। तीनों पीड़ित हैं। आरोपियों के रसूख के चलते उन्हें पुलिस से इंसाफ नहीं मिला था। दूसरी ओर, इस मामले में एसटीएफ को अब तक सात गवाह मिले हैं। एसटीएफ अब हथियारों को बरामद करने के प्रयास में लगी हुई है।
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नाई की मंडी थाने में दर्ज केस में एसटीएफ ने मोहम्मद जैद खान, मोहम्मद अरशद खान, राजेश कुमार बघेल, शिव कुमार सारस्वत, भूपेंद्र सारस्वत, रिटायर्ड असलहा बाबू संजय कपूर व शोभित चतुर्वेदी को आरोपी बनाया है। विवेचना एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह को मिली है। उन्होंने साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया है।
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बताया जा रहा है कि सबसे पहले वादी मुकदमा के बयान दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ सबसे पहले शिव कुमार सारस्वत और उसके बेटे भूपेंद्र सारस्वत की तलाश कर रही है। अवैध और फर्जी लाइसेंस की जांच उन तक ही पहुंच रही है। पूर्व में उनके बयान दर्ज किए गए थे। तीन महीने का समय दिया गया मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि दो पिस्टलें बेची थीं, वे कहां से खरीदी थीं।
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एसटीएफ को शक है कि ये हथियार अवैध हैं। वैध होते तो जहां से खरीदे गए होते वहां की रसीद जरूर होती। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुछ नहीं बताया। एसटीएफ को तीन नई शिकायतें मिली हैं। तीनों पीड़ित हैं। आरोपियों के रसूख के चलते उन्हें पुलिस से इंसाफ नहीं मिला था। दूसरी ओर, इस मामले में एसटीएफ को अब तक सात गवाह मिले हैं। एसटीएफ अब हथियारों को बरामद करने के प्रयास में लगी हुई है।