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शोध में खुलासा: 35 की उम्र में माहवारी बंद, मधुमेह-मोटापा और हड्डियां हुईं कमजोर; महिला इन बातों का रखें ध्यान

Sun, 18 Oct 2026 09:47 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 18 Oct 2026 09:47 AM IST
सार

चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं में 45-55 की उम्र में मेनोपॉज हो रहा है। तीन या इससे अधिक बीमारी होने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम बोलते हैं। इसमें पेट की चर्बी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य परेशानी हैं।

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Research reveals Menopause at age 35 linked to diabetes obesity  and weakened bones
महिलाओं पर मेनोपॉज का प्रभाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काम इतना, व्यायाम कब करूं। बच्चे (पाैष्टिक आहार) खा लेंगे, मेरा मन नहीं। ये कहकर अक्सर महिलाएं अपनी सेहत की अनदेखी करती हैं। इसी के चलते 35-40 की उम्र में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) की संख्या बढ़ रही है। इससे वो मेटाबॉलिक सिंड्रोम की चपेट में तेजी से आ रही हैं। एशिया की 35-65 साल की 638 महिलाओं पर मेनोपॉज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बीच ऑनलाइन अध्ययन हुआ।
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शोध में आगरा समेत भारत की करीब 500 महिलाएं शामिल रहीं। इसमें 21 फीसदी चिकित्सक-नर्सिंग स्टाफ और बाकी कामकाजी-घरेलू महिलाएं रहीं। इसमें 61 फीसदी (392) महिलाओं में मेटाबॉलिक सिंड्रोम से प्रभावित मिलीं। 40 से कम उम्र की 47.8 फीसदी रहीं। मेटाबॉलिक सिंड्रोम मेनोपॉज के 3-10 साल में बीमारियां पनपने लगीं। 68.9 फीसदी में पांच साल में ही प्रभाव दिखने लगा। इनका वजन बढ़ने के साथ कमर का आकार भी 96 सेमी से अधिक मिला। एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सिंह का कहना है कि अधिकांश महिलाओं में 45-55 की उम्र में मेनोपॉज हो रहा है। तीन या इससे अधिक बीमारी होने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम बोलते हैं। इसमें पेट की चर्बी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य परेशानी हैं।
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चिकित्सकों की सलाह
फल, हरी सब्जी, मोटा अनाज समेत अन्य पौष्टिक आहार लें।
फास्टफूड, चिकनाई, तला हुआ भोजन समेत अन्य से बचें।
रोजाना 30-45 मिनट तेज गति से चलें, नियमित योग-ध्यान करें।
कमर का आकार 80 सेमी से कम रखें। वजन न बढ़ने दें।
रक्तचाप, मधुमेह, लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) की जांच कराएं।

 
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ये मिली परेशानी:
बीमारी                       संख्या

पीसीओएस                    13
निजी संबंधों से अरुचि      66
रात में पसीना:                32
अनिद्रा:                         41
उच्च रक्तचाप:               39
मधुमेह:                        65
रक्त में वसा                  48
कोलेस्ट्रॉल                    36
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सेहत की अनदेखी पड़ रही भारी
खुद की सेहत के प्रति लापरवाही उम्र बढ़ने पर दुखदाई साबित हो रही हैं। उम्र से पहले बीमारियां चपेट में ले रही हैं। इसकी वजह पौष्टिक आहार से दूरी, फास्टफूड-जंकफूड, व्यायाम की कमी समेत कई वजह हैं। नई पीढ़ी में ये परेशानी और बढ़ने की आशंका है। -डॉ. सीमा सिंह, अध्यक्ष इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी

 

कई बीमारियों की गिरफ्त में महिलाएं
देश में मेनोपॉज की औसत उम्र 48 साल है। एशिया के अन्य देशों में औसत उम्र 51 है। जल्द मेनोपॉज की वजह संक्रमण, खराब दिनचर्या, हार्मोन संबंधी परेशानी भी हैं। इससे महिलाओं में हड्डियां कमजोर, हृदय रोग, बांझपन, कोलेस्ट्रॉल समेत कई परेशानियां बन गईं। -डॉ. रुचिका गर्ग (शोध में शामिल चिकित्सक), स्त्री रोग विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज
 
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