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Agra: ब्रांडेड कंपनी के नकली शैंपू बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा, तीन गिरफ्तार; बंद मकान में चल रहा था कारोबार
Fri, 01 Mar 2024 10:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 01 Mar 2024 10:23 AM IST
सार
पुलिस ने ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली शैंपू बनाने की फैक्ट्री का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में शैंपू बनाना का सामान बरामद किया है।
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ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली शैंपू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नकली उत्पाद बेचने का एक और मामला सामने आया है। ट्रांस यमुना के नगला किशनलाल में एक मकान में हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के शैंपू की खाली शीशियों में वाहन साफ करने वाला शैंपू भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। सरगना दिल्ली के कबाड़ा बाजार से खाली शीशियां लेकर आता था। वाहन साफ करने वाले शैंपू में खुशबू वाला पाउडर मिलाकर ब्रांडेड कंपनी जैसा बना दिया जाता था। कम दाम होने की वजह से मजदूर वर्ग के लोग शैंपू खरीद लेते थे।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के अधिकृत प्रतिनिधि तरुण कुमार ने पुलिस से संपर्क किया। बताया कि कंपनी के क्लीनिक प्लस, चिक, ट्रेसमी, हेड एंड शोल्डर्स और डव शैंपू के नाम पर नकली माल बेचा जा रहा है। इस पर पुलिस टीम लगी। नगला किशनलाल में असलम खान रहता है। उसने घर में ही गोदाम बना रखा था। बृहस्पतिवार रात छापा मारकर असलम, उसके मौसेरे भाई चांद और उसके दोस्त आजाद खान को पकड़ लिया गया। गोदाम से 1443 शैंपू के डिब्बी, 18 छोटे-बड़े केमिकल के पैकेट और 21 खाली डिब्बे बरामद किए गए।
दिल्ली में मिलती हैं खाली शीशियां
पुलिस की पूछताछ में असलम ने बताया कि वह पहले दिल्ली में नकली शैंपू बेचता था। पुलिस की सख्ती होने पर वहां काम बंद कर दिया। जहांगीरपुरी से कंपनी के शैंपू की 180 और 250 एमएल की खाली शीशियां लेकर आता है। उसे 5 से 7 रुपये में मिल जाती हैं। दिल्ली से ही वाहनों को साफ करने वाला शैंपू खरीदता है। इसकी 50 किलोग्राम की केन 2 से ढाई हजार रुपये में मिल जाती है। इस शैंपू में खुशबू नहीं होती है। खुशबू के लिए एक पाउडर भी लाता है, जिसे मिलाने से खुशबू हो जाती है।
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पांच गुना तक मुनाफा
नकली शैंपू की बिक्री बाजार में दुकानदारों को नहीं की जाती है। वह अपनी गाड़ी ग्रामीण इलाकों के बाजार में ले जाते हैं। मजदूर वर्ग के लोगों को बिक्री करते हैं। एक शैंपू की लागत 10 से 13 रुपये लगती थी, जबकि बाजार में लोग शैंपू को 50 से 70 रुपये में खरीद लेते थे। उन्हें पांच गुना तक मुनाफा होता था। पुलिस के मुताबिक, इस शैंपू के उपयोग से बाल भी खराब हो सकते हैं। इस मामले में धोखाधड़ी और काॅपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
शहर में नकली का बोलबाला
आगरा में नकली सामान की बिक्री का यह कोई पहला मामला नहीं है। नकली मोबिल ऑयल, घी, तेल, ऑटो पार्ट्स, धूपबत्ती, कपड़े, सैनिटाइजर, दवाइयां, सीमेंट, बीज, खाद, जूते तक नकली पकड़े जा चुके हैं। पुलिस को इस कारोबार की कोई भनक नहीं होती है, जबकि कंपनी के प्रतिनिधि पुलिस से संपर्क करते हैं। कार्रवाई कराते हैं। पुलिस को भनक न होने की वजह से नकली का धंधा काफी फल-फूल रहा है।
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डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के अधिकृत प्रतिनिधि तरुण कुमार ने पुलिस से संपर्क किया। बताया कि कंपनी के क्लीनिक प्लस, चिक, ट्रेसमी, हेड एंड शोल्डर्स और डव शैंपू के नाम पर नकली माल बेचा जा रहा है। इस पर पुलिस टीम लगी। नगला किशनलाल में असलम खान रहता है। उसने घर में ही गोदाम बना रखा था। बृहस्पतिवार रात छापा मारकर असलम, उसके मौसेरे भाई चांद और उसके दोस्त आजाद खान को पकड़ लिया गया। गोदाम से 1443 शैंपू के डिब्बी, 18 छोटे-बड़े केमिकल के पैकेट और 21 खाली डिब्बे बरामद किए गए।
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दिल्ली में मिलती हैं खाली शीशियां
पुलिस की पूछताछ में असलम ने बताया कि वह पहले दिल्ली में नकली शैंपू बेचता था। पुलिस की सख्ती होने पर वहां काम बंद कर दिया। जहांगीरपुरी से कंपनी के शैंपू की 180 और 250 एमएल की खाली शीशियां लेकर आता है। उसे 5 से 7 रुपये में मिल जाती हैं। दिल्ली से ही वाहनों को साफ करने वाला शैंपू खरीदता है। इसकी 50 किलोग्राम की केन 2 से ढाई हजार रुपये में मिल जाती है। इस शैंपू में खुशबू नहीं होती है। खुशबू के लिए एक पाउडर भी लाता है, जिसे मिलाने से खुशबू हो जाती है।
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पांच गुना तक मुनाफा
नकली शैंपू की बिक्री बाजार में दुकानदारों को नहीं की जाती है। वह अपनी गाड़ी ग्रामीण इलाकों के बाजार में ले जाते हैं। मजदूर वर्ग के लोगों को बिक्री करते हैं। एक शैंपू की लागत 10 से 13 रुपये लगती थी, जबकि बाजार में लोग शैंपू को 50 से 70 रुपये में खरीद लेते थे। उन्हें पांच गुना तक मुनाफा होता था। पुलिस के मुताबिक, इस शैंपू के उपयोग से बाल भी खराब हो सकते हैं। इस मामले में धोखाधड़ी और काॅपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
शहर में नकली का बोलबाला
आगरा में नकली सामान की बिक्री का यह कोई पहला मामला नहीं है। नकली मोबिल ऑयल, घी, तेल, ऑटो पार्ट्स, धूपबत्ती, कपड़े, सैनिटाइजर, दवाइयां, सीमेंट, बीज, खाद, जूते तक नकली पकड़े जा चुके हैं। पुलिस को इस कारोबार की कोई भनक नहीं होती है, जबकि कंपनी के प्रतिनिधि पुलिस से संपर्क करते हैं। कार्रवाई कराते हैं। पुलिस को भनक न होने की वजह से नकली का धंधा काफी फल-फूल रहा है।