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परिषदीय स्कूलों में तैनात 2672 शिक्षक जांच के घेरे में
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मैनपुरी। एक जनवरी 2009 से जिले में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की शासन के निर्देश के बाद जांच शुरू करा दी गई है। इस दौरान 2672 शिक्षकों की नियुक्ति हुई। इन सभी शिक्षकों के अभिलेखों की जांच की जिम्मेदारी चार सदस्यीय टीम को सौंपी गई है।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद शासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में वर्ष 2010 से अब तक नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों की जांच के आदेश दिए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में बीएसए को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि एक जनवरी 2009 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों की जांच की जाए। जांच मानव संपदा पोर्टल से भी कराए जाने के निर्देश दिए हैं, जिससे इस बात का भी पता चल सके कि प्रदेश के किसी भी जिले में संबंधित शिक्षक के नाम से कोई दूसरा तो नौकरी नहीं कर रहा है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की ऑनलाइन और ऑफ लाइन फिर से जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शिक्षकों के आधारकार्ड और मूल निवास की भी जांच की जाएगी।
किस भर्ती में कितने हुए बर्खास्त
वर्ष 2013- 29 हजार शिक्षक भर्ती- 293 नियुक्तियां, आठ फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
वर्ष 2013- 10800 शिक्षक भर्ती - 111 नियुक्तियां, 10 फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
वर्ष 2014- 10 हजार शिक्षक भर्ती- 119 नियुक्तियां, 13 फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
फर्जी बीएड की डिग्री वाले अब तक सात बर्खास्त
फर्जी बीएड डिग्री से जिले में 81 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया है, लेकिन अभी तक मात्र सात की ही बर्खास्तगी हुई है। इनमें तीन की बर्खास्तगी वर्ष 2016 में पूर्व बीएसए रामकरन यादव ने की थी। जब उन्होंने विभिन्न भर्तियों की जांच में 31 शिक्षकों को फर्जी पाया था जबकि चार की बर्खास्तगी वर्ष 2020 में की गई है। जिन्हें विश्वविद्यालय की पुष्टि के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त किया है।
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जनवरी 2009 से अब तक नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच का आदेश प्राप्त हुआ है। चार सदस्यीय समिति ने प्रथम चरण की जांच शुरू करा दी गई है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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अनामिका शुक्ला प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद शासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में वर्ष 2010 से अब तक नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों की जांच के आदेश दिए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में बीएसए को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि एक जनवरी 2009 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों की जांच की जाए। जांच मानव संपदा पोर्टल से भी कराए जाने के निर्देश दिए हैं, जिससे इस बात का भी पता चल सके कि प्रदेश के किसी भी जिले में संबंधित शिक्षक के नाम से कोई दूसरा तो नौकरी नहीं कर रहा है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की ऑनलाइन और ऑफ लाइन फिर से जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शिक्षकों के आधारकार्ड और मूल निवास की भी जांच की जाएगी।
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किस भर्ती में कितने हुए बर्खास्त
वर्ष 2013- 29 हजार शिक्षक भर्ती- 293 नियुक्तियां, आठ फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
वर्ष 2013- 10800 शिक्षक भर्ती - 111 नियुक्तियां, 10 फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
वर्ष 2014- 10 हजार शिक्षक भर्ती- 119 नियुक्तियां, 13 फर्जी शिक्षक हुए बर्खास्त
फर्जी बीएड की डिग्री वाले अब तक सात बर्खास्त
फर्जी बीएड डिग्री से जिले में 81 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया है, लेकिन अभी तक मात्र सात की ही बर्खास्तगी हुई है। इनमें तीन की बर्खास्तगी वर्ष 2016 में पूर्व बीएसए रामकरन यादव ने की थी। जब उन्होंने विभिन्न भर्तियों की जांच में 31 शिक्षकों को फर्जी पाया था जबकि चार की बर्खास्तगी वर्ष 2020 में की गई है। जिन्हें विश्वविद्यालय की पुष्टि के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त किया है।
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जनवरी 2009 से अब तक नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच का आदेश प्राप्त हुआ है। चार सदस्यीय समिति ने प्रथम चरण की जांच शुरू करा दी गई है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए