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ताजमहल के दोनों गेटों के बाहर रेड जोन का होगा विस्तार, जानिए क्या होगा बदलाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:32 PM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल परिसर के अंदर सुरक्षा के लिहाज से तय किये गये रेड जोन का विस्तार किया जाएगा। ताजमहल पूर्वी गेट पर रेवती का बाड़ा और पश्चिमी गेट पर सहेली बुर्ज भी यलो जोन की जगह रेड जोन का हिस्सा माना जाएगा।
टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश की व्यवस्था शुरू होने के बाद रेड जोन की सुरक्षा संभाल रहा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) रेवती के बाड़े और सहेली बुर्ज में भी तैनात किया जाएगा। ताजमहल के गेट के अंदर का हिस्सा रेड जोन है, जिसकी सुरक्षा सीआईएसएफ के पास है।
ताज के बाहर 500 मीटर का हिस्सा यलो जोन है, जिसमें पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। यहां की सुरक्षा ताज सुरक्षा पुलिस के पास है। ताजमहल पर जल्द ही पूर्वी और पश्चिमी गेट पर टर्न स्टाइल गेट के जरिए प्रवेश की नई व्यवस्था शुरू होने वाली है।
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ऐसे में यहां की जिम्मेदारी सीआईएसएफ की है, लेकिन तकनीकी तौर पर ताज परिसर से बाहर होने के कारण रेवती के बाड़े और सहेली बुर्ज यलो जोन में है। एएसआई इन दोनों गेटों के बाहर बने सिक्योरिटी और एंट्री सिस्टम की जगह को रेड जोन में शामिल करने की कवायद कर रहा है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के पास ही रहेगी।
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टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश की व्यवस्था शुरू होने के बाद रेड जोन की सुरक्षा संभाल रहा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) रेवती के बाड़े और सहेली बुर्ज में भी तैनात किया जाएगा। ताजमहल के गेट के अंदर का हिस्सा रेड जोन है, जिसकी सुरक्षा सीआईएसएफ के पास है।
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ताज के बाहर 500 मीटर का हिस्सा यलो जोन है, जिसमें पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। यहां की सुरक्षा ताज सुरक्षा पुलिस के पास है। ताजमहल पर जल्द ही पूर्वी और पश्चिमी गेट पर टर्न स्टाइल गेट के जरिए प्रवेश की नई व्यवस्था शुरू होने वाली है।
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ऐसे में यहां की जिम्मेदारी सीआईएसएफ की है, लेकिन तकनीकी तौर पर ताज परिसर से बाहर होने के कारण रेवती के बाड़े और सहेली बुर्ज यलो जोन में है। एएसआई इन दोनों गेटों के बाहर बने सिक्योरिटी और एंट्री सिस्टम की जगह को रेड जोन में शामिल करने की कवायद कर रहा है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के पास ही रहेगी।
7 पर्यटक एक साथ निकल सकेंगे
रेवती के बाड़े और सहेली बुर्ज में एएसआई ने 7-7 टर्न स्टाइल गेट लगाए हैं। इससे एक बार में 14 पर्यटक ताज के अंदर जा सकेंगे। अभी ताज के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर 3 और 4 कतारें ही लगती हैं। दोगुनी क्षमता होने से ताज के बाहर लगने वाली कतार से पर्यटकों को मुक्ति मिलेगी, वहीं ताज के प्रवेश द्वारों
पर हमेशा रहने वाली भीड़ भी नजर नहीं आएगी। भीड़ के कारण ताज की सुरक्षा संभालने में सीआईएसएफ के सामने मुश्किल आ रही है।
शिल्पग्राम, मीना बाजार में मांगी जगह
ताजमहल पर टिकटों की मारामारी को देखते हुए एएसआई ने एडीए, पर्यटन और उद्यान विभाग से ई-टिकट काउंटर खोलने के लिए जगह की मांग की है।
ताजमहल पूर्वी गेट पर शिल्पग्राम में और पश्चिमी गेट पर शाहजहां गार्डन के पास या मीना बाजार में ई-टिकट काउंटर खोलने का प्रस्ताव है।
19 नवंबर को दिल्ली में महानिदेशक पुरातत्व सर्वेक्षण की बैठक में तय किया गया था कि प्रवेश द्वार और पार्किंग के बीच टिकट काउंटर खोले जाएं।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने डीएम को भी पत्र लिखकर एडीए, पर्यटन और उद्यान विभाग को निर्देश देने की मांग की है।
पर हमेशा रहने वाली भीड़ भी नजर नहीं आएगी। भीड़ के कारण ताज की सुरक्षा संभालने में सीआईएसएफ के सामने मुश्किल आ रही है।
शिल्पग्राम, मीना बाजार में मांगी जगह
ताजमहल पर टिकटों की मारामारी को देखते हुए एएसआई ने एडीए, पर्यटन और उद्यान विभाग से ई-टिकट काउंटर खोलने के लिए जगह की मांग की है।
ताजमहल पूर्वी गेट पर शिल्पग्राम में और पश्चिमी गेट पर शाहजहां गार्डन के पास या मीना बाजार में ई-टिकट काउंटर खोलने का प्रस्ताव है।
19 नवंबर को दिल्ली में महानिदेशक पुरातत्व सर्वेक्षण की बैठक में तय किया गया था कि प्रवेश द्वार और पार्किंग के बीच टिकट काउंटर खोले जाएं।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने डीएम को भी पत्र लिखकर एडीए, पर्यटन और उद्यान विभाग को निर्देश देने की मांग की है।