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धर्मांतरण प्रकरण के गरीब परिवारों पर संकट
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 28 May 2015 01:58 AM IST
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देवरी रोड पर राजकीय आस्थान की करीब 12 बीघा भूमि है। वर्षों से खली
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पड़ी इस जमीन पर तमाम अवैध कब्जे हो गए हैं। कुछ लोगों ने बाउंड्री बना ली
है तो कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन के कुछ भाग के बैनामे
कर दिए हैं। वेद नगर बस्ती से हटाए गए लोगों ने भी यहां डेरा जमा लिया है।
प्रशासन ने करीब छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया और करीब 16 लोगों
के खिलाफ मुकदमे की तैयारी चल रही है। कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी चस्पा
कर दिए हैं। बुधवार को मुनादी कराई गई है। इसकी जानकारी पर कुछ मुस्लिम
संगठन विरोध में खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि गरीब लोग अब कहां जाएंगे।
एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन सरकारी है, उसे हर हाल में
खाली कराया जाएगा। इसी के चलते नोटिस और मुनादी की कार्यवाही की जा रही है।
बता दें कि देवरी रोड स्थिति वेद नगर में पिछले वर्ष के आखिरी माह में कबाड़ का काम करने वाले मुस्लिम परिवारों का धर्मांतरण किया गया था। मामला तूल पकड़ने के बाद ठेकेदार ने कई परिवारों को वहां से हटा दिया था। बंगाली परिवार भी इनमें शामिल थे। तब से इन्हीं लोगों ने बस्ती छोड़कर थोड़ा आगे सरकारी जमीन पर अपना डेरा जमा लिया है। अब इन्हें यहां से भी हटाए जाने की तैयारी है।
बन सकते हैं समाजवादी आवास
प्रदेश सरकार की गरीबों के लिए समाजवादी आवास बनाने की योजना के तहत जमीन की तलाश की जा रही थी। अधिकारी शहर के आसपास जमीन की खोज में थे। दस्तावेज खंगाल गए तो इस जमीन का पता चला। माना जा रहा है कि इस जमीन का प्रयोग समाजवादी आवास बनाने के प्रयोग में लाया जा सकता है।
बता दें कि देवरी रोड स्थिति वेद नगर में पिछले वर्ष के आखिरी माह में कबाड़ का काम करने वाले मुस्लिम परिवारों का धर्मांतरण किया गया था। मामला तूल पकड़ने के बाद ठेकेदार ने कई परिवारों को वहां से हटा दिया था। बंगाली परिवार भी इनमें शामिल थे। तब से इन्हीं लोगों ने बस्ती छोड़कर थोड़ा आगे सरकारी जमीन पर अपना डेरा जमा लिया है। अब इन्हें यहां से भी हटाए जाने की तैयारी है।
बन सकते हैं समाजवादी आवास
प्रदेश सरकार की गरीबों के लिए समाजवादी आवास बनाने की योजना के तहत जमीन की तलाश की जा रही थी। अधिकारी शहर के आसपास जमीन की खोज में थे। दस्तावेज खंगाल गए तो इस जमीन का पता चला। माना जा रहा है कि इस जमीन का प्रयोग समाजवादी आवास बनाने के प्रयोग में लाया जा सकता है।