फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Erosion caused by broken drain walls; 100 houses on the verge of collapse.

Agra News: नालों की टूटी दीवार से कटान, ढहने के कगार पर 100 मकान

Tue, 23 Jun 2026 02:04 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
Erosion caused by broken drain walls; 100 houses on the verge of collapse.
अशोक नगर नाले की दीवार टूटने से हुआ कटान, जिससे मकान ढहने के कगार पर है।
आगरा। बालूगंज में बीते पखवाड़े नाले की दीवार ढहने से हुए कटान के कारण चार मकान ढह गए थे। नगर निगम ने इससे सबक नहीं लिया। राजामंडी, अशोक नगर, कंस गेट, प्रजापति बस्ती, नाई की मंडी, काजीपाड़ा समेत कई जगह नालों की दीवार टूटने से मिट्टी का कटान शुरू हो गया है, जिससे करीब 100 मकान ढहने के कगार पर हैं। आठ फीट तक कटान होने से नालों और घरों के बीच बनी सड़क नालों में समा चुकी है। इससे नालों के किनारे रह रहे हजारों लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बारिश में ढहने की आशंका पर उन्होंने मरम्मत की मांग उठाई।
विज्ञापन

वार्ड 83 राजामंडी स्थित कंस गेट में मुख्य नाले की दीवार गिर चुकी है। क्षेत्र की पार्षद मंजू प्रजापति ने बताया कि इससे मकान और नाले के बीच में बनी सड़क का कटान शुरू हो चुका है, जिसका करीब आठ फीट हिस्सा नाले में समा गया है। यहां 10 से ज्यादा मकानों पर संकट है। इसी तरह प्रजापति बस्ती में भी कई जगह नाले की दीवार टूट चुकी है। बारिश में तेज बहाव होने पर नाले का पानी मिट्टी का कटान शुरू कर देगा, जिससे इसके किनारे बने मकानों पर संकट मंडरा रहा है। अशोक नगर में 20 से ज्यादा मकानों पर खतरा है। पूर्व पार्षद राजेश प्रजापति ने बताया कि नालों की मरम्मत के नाम पर 300 करोड़ रुपये बीते चार साल में खर्च हो चुके हैं, लेकिन नालों की दीवारें लगातार गिर रही हैं। वह नगर आयुक्त से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। हादसा होने पर ही शायद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि कई नालों पर निर्माण कार्य किया गया है, जो टूटे हैं, उनके प्रस्ताव भी बनाए जाएंगे।

नाई की मंडी में एक दर्जन मकानों पर संकट
नाई की मंडी के पार्षद सुहैल कुरैशी के मुताबिक उनके क्षेत्र में नालों की दीवारें टूटने के कारण बालूगंज की तरह से हादसा होने की आशंका है। करीब 15 मकानों पर ढहने का संकट मंडरा रहा है। बारिश में नालों में पानी का तेज बहाव होता है, जिससे मिट्टी का कटान हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होेंने इस मामले को नगर निगम सदन के अधिवेशन में भी उठाया था, लेकिन मरम्मत शुरू नहीं की गई। खातीपाड़ा, लोहामंडी और राजनगर क्षेत्र में करीब 30 मकान नालों की दीवार के ढहने से खतरे में हैं। यही हाल बोदला नाले का है। दयालबाग, उखर्रा, शहीद नगर में भी एक दर्जन मकानों पर संकट है, वहीं भैंरो नाला, मंटोला और महावीर नाले के पास बने 25 मकानों की नींव कटान के कारण खोखली हो सकती है। चूहों के बिल के कारण पानी अंदर ही अंदर कटान कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बालूगंंज और टेढ़ी बगिया में ढह चुके मकान
एक पखवाड़े पहले बारिश में बालूगंज में नाले के पास बने चार मकान ढह चुके हैं। इससे पूर्व भी यमुनापार 100 फुटा रोड टेढ़ी बगिया का नाला ढहने से तीन दुकानें ध्वस्त हो गई थीं। यहां बार-बार नाला ढह चुका है, जिसके किनारे बने मकान और दुकान खतरे में हैं। यहां सीएम ग्रिड की सड़क के निर्माण के कारण खुदाई की जा रही है।

अशोक नगर नाले की दीवार टूटने से हुआ कटान, जिससे मकान ढहने के कगार पर है।

अशोक नगर नाले की दीवार टूटने से हुआ कटान, जिससे मकान ढहने के कगार पर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed