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कई शत्रु संपत्तियों की हो चुकी है बिक्री, सभी संपत्तियों का चिह्नांकन तेज

Sun, 06 Dec 2020 11:06 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2020 11:06 PM IST
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कासगंज के गांव किनावा में प्रशासन द्वारा शत्रु संपत्ति पर लगाया गया चेतावनी बोर्ड - फोटो : KASGANJ
कासगंज। प्रशासन द्वारा शत्रु संपत्तियों के संरक्षण एवं चिह्नीकरण के लिए अभियान तेजी से शुरू किया गया है। राजस्व दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं तो निकलकर सामने आ रहा है कि शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे ही नहीं हुए बल्कि कुछ लोगों ने इनकी बिक्री भी कर डाली। हालांकि अब प्रशासन बिक्री की गईं संपत्तियों का चयन कर बेदखली में जुटा है। अभी पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
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वर्ष 1952 में संपत्तियों को छोड़ पाकिस्तान गए लोगों की तमाम संपत्तियां जिले में हैं। वैसे तो पूर्व के चिह्नीकरण के मुताबिक 246 संपत्तियां पाई गईं थी लेकिन अब प्रशासन नए सिरे से इसके चयन में जुटा है। शनिवार को 12 संपत्तियों से प्रशासन ने कब्जा हटवाकर संपत्तियां पंचायतों के सुपुर्द कर दीं। अब जब बिंदुवार जांच शुरू हुई है तो पाया गया है कि कासगंज तहसील क्षेत्र के गांव खेड़िया एवं भिटौना में कई संपत्तियों की बिक्री के मामले सामने आए हैं हालांकि किस गाटे से कितने हेक्टेयर की संपत्ति बिक्री हुई है इसका पूरा ब्यौरा तैयार करने में प्रशासन जुटा हुआ है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि शत्रु संपत्ति की अब तक की जांच में कुछ मामले बिक्री के सामने आ रहे हैं। कितने मामले हैं सोमवार को इसका पूरा आंकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शत्रु संपत्ति के सभी कब्जा धारकों को बेदखल किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बिक्री किसने की और किस आधार पर बैनामा हुए।
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कब्जेधारकों पर जुर्माने के लिए संस्तुति
अब तक प्रकाश में आए शत्रु संपत्तियों के कब्जा धारकों पर जुर्माने के लिए प्रशासन ने शत्रु संपत्ति विभाग को संस्तुति की जा रही है। शत्रु संपत्ति विभाग उन पर जुर्माना तय करेगा। प्रशासन ने यह ब्यौरा भी तैयार कर रहा है कि कब्जेधारकों पर कब्जा कब से कब तक रहा है। जिलेभर में सभी एसडीएम और तहसीलदारों ने दस्तावेज खंगालना शुरू किया है।
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आंकड़े की नजर से-
- 1965 से वर्ष 1977 के बीच घोषित हुईं थी शत्रु संपत्तियां।
- 1952 में संपत्तियां छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे संपत्ति स्वामी।
नोवा फैक्टरी शत्रु संपत्ति विभाग को देती है किराया
नोवा दुग्ध फैक्टरी भिटौना में क्षेत्र ऐसा है जो शत्रु संपत्ति है। जब फैक्टरी यहां बनी थी तब प्रशासन ने शत्रु संपत्ति पर निर्माण रोका था। फिर नियम अनुसार नोवा फैक्टरी स्वामी ने शत्रु संपत्ति लीज पर ले ली। अब नोवा फैक्टरी शत्रु संपत्ति विभाग को निर्धारित किराया देती है। तहसीलदार अजय कुमार के मुताबिक किराया देने का प्रमाण भी समय समय पर प्रस्तुत करती है।

वर्जन-
- सभी संपत्तियों का चिह्नांकन तेजी से किया जा रहा है। जो भी संपत्तियां बिक्री हुई हैं उनका भी पूरा ब्यौरा तैयार कराया जा रहा है। सभी कब्जेधारकों से कब्जा हटाया जाएगा और शत्रु संपत्ति विभाग को उन पर जुर्माने की संस्तुति की जाएगी। अब तक जो कब्जेधारक सामने आए हैं उन पर जुर्माने की संस्तुति की जा रही है- अजय कुमार, एडीएम।
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