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UP: वेज बिरयानी की दुकान का कर्मचारी 6 महीने में बना करोड़पति...ऐसे कमाए 3.02 करोड़ रुपये, पुलिस भी चकराई
Thu, 07 Aug 2025 10:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 07 Aug 2025 10:02 PM IST
सार
पैसे कमाना तो हर कोई चाहता है, लेकिन कमाई करने के लिए सही रास्ता चुनना भी जरूरी है। आगरा में वेज बिरयानी की दुकान पर काम करने वाले मामूली कर्मचारी ने ऐसा रास्ता चुना, जिसने उसे अपराधी बना दिया।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
महंगे शाैक और रहन-सहन के चक्कर में वेज बिरयानी की दुकान पर काम करने वाला युवक साइबर ठगों के चक्कर में फंस गया। वह अपने बैंक खाते में कमीशन पर ठगी की रकम जमा कराने लगा। एक महीने में 6 राज्यों से 3 करोड़ से अधिक जमा करा लिए। 15 लाख रुपये हड़पने पर साथियों में विवाद हुआ तो आरोपी के रिश्तेदार ने पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस ने आरोपी सहित दो को गिरफ्तार किया है।
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एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि शाहगंज निवासी अमन गाैरी ने पुलिस से शिकायत की। इसमें कहा कि वह एक वेज बिरयानी की दुकान पर काम करता है। इस दुकान पर काम करने उसका जीजा हैदर भी आया करता था। उनका मूंगफली का भी गोदाम है। दुकान पर आगरा के ही हनी, मनी और अमन त्रिवेदी भी आया करते थे। वह अक्सर नया फोन, महंगी घड़ी, कपड़े पहनते और गाड़ी से आते थे। लाखों के लेन-देन के बारे में चर्चा करते थे।
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यह देखकर उसने तीनों से उनके व्यवसाय के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि वह साइबर ठगी करते हैं। खातों में रकम जमा करा लेते हैं। इसको निकालकर अपने शाैक पूरे करते हैं। उससे भी खाता देने पर 7 से 8 फीसदी कमीशन देने की बात कही। धोखाधड़ी के बारे में सुनकर पहले उसने मना कर दिया। मगर यह बात उसके जीजा हैदर भी सुन रहे थे। उन्होंने लालच में अपना बंधन बैंक का खाता नंबर दे दिया। इसमें जो रकम आती थी, उसे वो तीनों आरोपियों को दिया करते थे।
अमन ने कहा कि एक दिन जीजा (हैदर) लापता हो गए। बाद में हनी अपने साथियों के साथ घर पहुंचा। बताया कि हैदर 15 लाख रुपये लेकर चला गया है। वह उससे रुपये देने का दबाव डालने लगे। इस पर वो पुलिस के पास पहुंचा। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बुधवार रात को पोइया घाट से हैदर और उसके साथ अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर लिया। उनसे 1 लैपटाॅप और 3 मोबाइल बरामद किए गए।
लैपटाॅप में कंप्लीट टास्क और टारगेट कोड वर्ड
हैदर के चालू खाते में 1 महीने के अंदर 3 करोड़ से अधिक की रकम अलग-अलग राज्य के खातों से आई थी। साइबर ठग गिरोह ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट किया था। हनी, मनी और अमन भी इसी गिरोह से जुड़े हुए हैं। वह पकड़े नहीं गए हैं। आरोपियों के पास से एक लैपटाॅप मिला। हैदर का मूंगफली का गोदाम भी है। लैपटाॅप को आरोपी गोदाम पर ले जाते थे। इसके बाद ठगी की जाती थी। जिन लोगों को ठगा जाना है, उनके नाम की फाइल टारगेट के नाम से बनाते थे। वहीं जिन लोगों को ठग लिया जाता था, उनकी फाइल कंप्लीट टास्क के नाम से रखते थे। फाइल में लोगों के मोबाइल नंबर और नाम की जानकारी होती थी।
हैदर के चालू खाते में 1 महीने के अंदर 3 करोड़ से अधिक की रकम अलग-अलग राज्य के खातों से आई थी। साइबर ठग गिरोह ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट किया था। हनी, मनी और अमन भी इसी गिरोह से जुड़े हुए हैं। वह पकड़े नहीं गए हैं। आरोपियों के पास से एक लैपटाॅप मिला। हैदर का मूंगफली का गोदाम भी है। लैपटाॅप को आरोपी गोदाम पर ले जाते थे। इसके बाद ठगी की जाती थी। जिन लोगों को ठगा जाना है, उनके नाम की फाइल टारगेट के नाम से बनाते थे। वहीं जिन लोगों को ठग लिया जाता था, उनकी फाइल कंप्लीट टास्क के नाम से रखते थे। फाइल में लोगों के मोबाइल नंबर और नाम की जानकारी होती थी।
दिल्ली, गुरुग्राम, महाराष्ट्र, कर्नाटक से आई रकम
पुलिस ने समन्वय पोर्टल पर हैदर के खाते को चेक किया। इसमें पता चला कि खाते के खिलाफ 6 शिकायत दर्ज हैं। थाना गांधी नगर (कोट्टयम, केरल), थाना स्पेशल (दिल्ली), थाना साइबर वेस्ट (गुरुग्राम), बंगलूरू (कर्नाटक), थाना साइबर नाॅर्थ (मुंबई) और साइबर क्राइम थाना (हैदराबाद, तेलंगाना) ने शिकायत की है। खाते में 40 हजार, 61,88,999 रुपये, 14,04,000 रुपये, 38,56,485 रुपये, 51,46,811.7 रुपये और 1,35,95,000 रुपये आए हैं। पुलिस को आशंका है कि अमूमन साइबर अपराधी रकम डिजिटल अरेस्ट इतनी रकम जमा कराते हैं। आरोपियों के पास भी इसी तरह से ठगी करके रकम आई होगी। अब टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी है।
पुलिस ने समन्वय पोर्टल पर हैदर के खाते को चेक किया। इसमें पता चला कि खाते के खिलाफ 6 शिकायत दर्ज हैं। थाना गांधी नगर (कोट्टयम, केरल), थाना स्पेशल (दिल्ली), थाना साइबर वेस्ट (गुरुग्राम), बंगलूरू (कर्नाटक), थाना साइबर नाॅर्थ (मुंबई) और साइबर क्राइम थाना (हैदराबाद, तेलंगाना) ने शिकायत की है। खाते में 40 हजार, 61,88,999 रुपये, 14,04,000 रुपये, 38,56,485 रुपये, 51,46,811.7 रुपये और 1,35,95,000 रुपये आए हैं। पुलिस को आशंका है कि अमूमन साइबर अपराधी रकम डिजिटल अरेस्ट इतनी रकम जमा कराते हैं। आरोपियों के पास भी इसी तरह से ठगी करके रकम आई होगी। अब टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी है।
लालच में नहीं आएं, पुलिस की है नजर
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि साइबर ठग मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देते हैं। खाते और मोबाइल नंबर देने पर कमीशन की बात कही जाती है। ठगी होने पर पीड़ित पुलिस से शिकायत करते हैं। इससे संबंधित खातों को फ्रीज कराया जाता है। जिन लोगों के खातों में रकम आती है, वह भी आरोपी बनाए जाते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि किसी के लालच में आकर खाते आदि की जानकारी नहीं दें।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि साइबर ठग मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देते हैं। खाते और मोबाइल नंबर देने पर कमीशन की बात कही जाती है। ठगी होने पर पीड़ित पुलिस से शिकायत करते हैं। इससे संबंधित खातों को फ्रीज कराया जाता है। जिन लोगों के खातों में रकम आती है, वह भी आरोपी बनाए जाते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि किसी के लालच में आकर खाते आदि की जानकारी नहीं दें।