फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Electric crematorium will be built, pollution will reduce

Agra News: 64.76 लाख की लागत से शहर में बनेगा विद्युत शवदाह गृह

Tue, 10 Jan 2023 11:33 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 11:33 PM IST
विज्ञापन
Electric crematorium will be built, pollution will reduce
मैनपुरी। शहर में 64.67 लाख रुपये की लागत से शहर में विद्युत शवदाह गृह स्थापित किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा ये कार्य कराया जा रहा है। इससे एक ओर जहां शव के अंतिम संस्कार पर आने वाले खर्च में कमी आएगी तो वहीं दूसरी ओर परंपरागत तरीके के अंतिम संस्कार से होने वाले प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन

शहर में ईशन नदी के किनारे श्मशान घाट स्थापित है। यहां अभी तक लकड़ी और उपलों के सहारे ही शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। शहर का एक मात्र श्मशान घाट होने के चलते यहां कई बार लोगों को शव के अंतिम संस्कार के लिए इंतजार भी करना पड़ता है। क्योंकि एक शव के अंतिम संस्कार में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। इसके अलावा लकड़ी की उपलब्धता भी एक बड़ी परेशानी है। इससे राहत देने के लिए नगर पालिका ने पहल की है। नगर पालिका द्वारा श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह की स्थापना कराई जा रही है। 64.76 लाख की लागत से इसका निर्माण कार्य होगा। विद्युत शवदाह गृह में शव के अंतिम संस्कार में महज 15 मिनट का ही समय मिलेगा। ऐसे में समय की बचत होने के साथ ही अंतिम संस्कार पर आने वाले खर्च में भी कमी आएगी। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार 12 घंटे में 35 से 40 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। फरवरी के अंत तक विद्युत शवदाह गृह शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य पूरा होते ही इसका संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

----
चिमनी के चलते आसपास नहीं होगी परेशानी
विद्युत शवदाह गृह की स्थापना के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो इसका भी ख्याल रखा गया है। इसके लिए विद्युत शवदाह ग्रह पर एक बड़ी चिमनी लगाई जाएगी। इससे शवदाह में होने वाला ्प्रदूषण आसपास के लोगों को प्रभावित नहीं करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
लकड़ी और पेड़ों का भी होगा बचाव
विद्युत शवदाह गृह के शुभारंभ होने से बड़ी संख्या में लकड़ी का बचाव होगा। इससे पेड़ों की भी रक्षा हो सकेगी। श्मशान घाट के पास लकड़ी की टाल संचालन करने वाले मुकेश ने बताया कि एक शव के दहन के लिए तीन से पांच क्विंटल लकड़ी का प्रयोग किया जाता है। औसत निकाला जाए तो दो शव दहन होने पर एक पेड़ खत्म हो जाता है। नई व्यवस्था से लकड़ी का बचाव होगा और पेड़ों की रक्षा हो सकेगी।

----
वर्जन
विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। इसके शुरू होने शव दहन के दौरान लोगों को आने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलाया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी ये बेहतर होगा।
- लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed