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कोरोना काल में शिक्षा : 10 हजार अभिभावकों ने ही जताई है बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति
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कासगंज। कोरोना की दूसरी लहर के हल्की हो जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों की राय मांगी गई। जिला के मात्र 10 हजार अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमत नजर आए।
जिला में 262 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 70 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना संकट के चलते 20 मार्च को स्कूल बंद हो गए थे। परिषद ने एक जुुलाई से इन विद्यालयों को तो खोल दिया, लेकिन अभी स्कूलों में शिक्षकों को ही बुलाया जा रहा है। परिषद ने बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले अभिभावकों की राय मांगी। जिला के लगभग 17 हजार अभिभावकों ने अपने विद्यालयों के माध्यम से अपनी राय दी। इन अभिभावकों में से लगभग 10 हजार अभिभावक अपने बच्चोंको स्कूल भेजने पर सहमत हैं। जबकि 7 हजार अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर फिलहाल असहमति जताई है।
मेरा बेटा कक्षा 12 में पड़ रहा है। कोरोना के चलते पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाई आवश्यक है, लेकिन बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले कोरोना से सुरक्षा के पूरे इंतजाम होने चाहिए। - पूनम, अभिभावक
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मेरी बेटी कक्षा 12 में शिक्षारत है। बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले सरकार को उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। अभी 18 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टीका भी नहीं आया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। -सरबती, अभिभावक
स्कूलों में बच्चोंको बुलाने के लिए अभिभावकों से राय मांगी गई थी। जिन अभिभावकों ने अपनी राय दी है उनमें से 65 प्रतिशत अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमत हैं। यदि शासन से बच्चों को स्कूल बुलाने के निर्देश मिलेंगे तो उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। -एसपी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिला में 262 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 70 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना संकट के चलते 20 मार्च को स्कूल बंद हो गए थे। परिषद ने एक जुुलाई से इन विद्यालयों को तो खोल दिया, लेकिन अभी स्कूलों में शिक्षकों को ही बुलाया जा रहा है। परिषद ने बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले अभिभावकों की राय मांगी। जिला के लगभग 17 हजार अभिभावकों ने अपने विद्यालयों के माध्यम से अपनी राय दी। इन अभिभावकों में से लगभग 10 हजार अभिभावक अपने बच्चोंको स्कूल भेजने पर सहमत हैं। जबकि 7 हजार अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर फिलहाल असहमति जताई है।
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मेरा बेटा कक्षा 12 में पड़ रहा है। कोरोना के चलते पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाई आवश्यक है, लेकिन बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले कोरोना से सुरक्षा के पूरे इंतजाम होने चाहिए। - पूनम, अभिभावक
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मेरी बेटी कक्षा 12 में शिक्षारत है। बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले सरकार को उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। अभी 18 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टीका भी नहीं आया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। -सरबती, अभिभावक
स्कूलों में बच्चोंको बुलाने के लिए अभिभावकों से राय मांगी गई थी। जिन अभिभावकों ने अपनी राय दी है उनमें से 65 प्रतिशत अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमत हैं। यदि शासन से बच्चों को स्कूल बुलाने के निर्देश मिलेंगे तो उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। -एसपी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक