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जल्द भरे जाएंगे सहायता प्राप्त कॉलेजों में 604 शिक्षकों के रिक्त पद
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मैनपुरी। सहायता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए शासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक से जिले में रिक्त पदों का विवरण मांगा है। शासन ने नियुक्तियों में प्रबंधतंत्र को पूरी तरह से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती का निर्णय लिया है, जिससे प्रबंधकों की मनमानी का खेल समाप्त होगा।
जिले के माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के 604 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं लिपिक और चतुर्थश्रेणी वर्ग में 201 पद रिक्त चल रहे हैं। सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की कमी की समस्या शीघ्र दूर होगी। शासन ने रिक्त पदों को भरने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
शासन के मुख्य सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर जिले में सहायता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक, लिपिक और चतुर्थश्रेणी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा।
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शासन के इस निर्णय से प्रबंधकों की मनमानी का खेल समाप्त होगा और सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षण कार्य में भी सुधार होगा। पत्र प्राप्त होने के बाद सूची तैयार की जा रही है।
तदर्थ शिक्षकों को मिलेगा भारांक का लाभ
शासन से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में तैनात तदर्थ शिक्षकों को भी बाहर किया जाएगा। उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किए जाने का अवसर दिया जाएगा। उनके शिक्षण कार्य के अनुसार उन्हें भर्ती प्रक्रिया के चयन में भारांक का लाभ दिया जाएगा।
शासन ने सीधी भर्ती का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की सूची मांगी गई है। सूची तैयार कराई जा रही है। सभी प्रधानाचार्यों से उनके कॉलेजों में रिक्त पदों की संख्या को मांगा गया है। शीघ्र ही सूची फाइनल कर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले के माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के 604 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं लिपिक और चतुर्थश्रेणी वर्ग में 201 पद रिक्त चल रहे हैं। सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की कमी की समस्या शीघ्र दूर होगी। शासन ने रिक्त पदों को भरने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
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शासन के मुख्य सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर जिले में सहायता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक, लिपिक और चतुर्थश्रेणी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा।
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शासन के इस निर्णय से प्रबंधकों की मनमानी का खेल समाप्त होगा और सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षण कार्य में भी सुधार होगा। पत्र प्राप्त होने के बाद सूची तैयार की जा रही है।
तदर्थ शिक्षकों को मिलेगा भारांक का लाभ
शासन से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में तैनात तदर्थ शिक्षकों को भी बाहर किया जाएगा। उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किए जाने का अवसर दिया जाएगा। उनके शिक्षण कार्य के अनुसार उन्हें भर्ती प्रक्रिया के चयन में भारांक का लाभ दिया जाएगा।
शासन ने सीधी भर्ती का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की सूची मांगी गई है। सूची तैयार कराई जा रही है। सभी प्रधानाचार्यों से उनके कॉलेजों में रिक्त पदों की संख्या को मांगा गया है। शीघ्र ही सूची फाइनल कर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक