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रहने लायक शहरों में सुधरी आगरा की रैंकिंग, जानिए किन कारणों से हुआ सुधार
Fri, 05 Mar 2021 01:16 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 05 Mar 2021 01:16 PM IST
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ताजमहल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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देश में रहने लायक शहरों की सूची में आगरा की रैंकिंग सुधरी है। आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी सूची में आगरा की रैंकिंग 35 वीं है। बीते वर्ष 2018 में आगरा की रैंकिंग 55 थी। दो सालों में गंगाजल, अमृत योजना के तहत पानी और सीवर की लाइनें पड़ने, सफाई और मेट्रो की योजनाओं को रैकिंग में सुधार की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के सदस्य उमेश शर्मा के मुताबिक सुधार की कई वजह हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के लिहाज से आगरा बेहतर हुआ है। हालांकि रोजगार में अभी पिछड़ा है। आईटी सिटी, एपरेल पार्क, इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आ जाने से रैंकिंग और सुधरेगी। आर्किटेक्ट एसोसिएशन अध्यक्ष समीर गुप्ता के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं की शहर को जरूरत है। जब तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर नहीं होता, तब तक आगरा रहने लायक शहरों में ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगा। ताजमहल के कारण पर्यटकों का आकर्षण है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार की स्थिति यहां ठीक नहीं। आईटी सिटी लाए बिना टॉप 10 रैंकिंग में आना मुश्किल है।
मानकों के आधार पर तैयार होती है सूची
वर्ष 2018 से केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने ईज ऑफ लिविंग के लिए मानक तैयार किए और सूची जारी करना शुरू किया। इसमें संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, किफायती आवास, भूमि योजना, पार्क, परिवहन, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की गुणवत्ता जैसे 15 मानकों के आधार पर रहने लायक शहरों की सूची तैयार की जाती है।
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ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के सदस्य उमेश शर्मा के मुताबिक सुधार की कई वजह हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के लिहाज से आगरा बेहतर हुआ है। हालांकि रोजगार में अभी पिछड़ा है। आईटी सिटी, एपरेल पार्क, इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आ जाने से रैंकिंग और सुधरेगी। आर्किटेक्ट एसोसिएशन अध्यक्ष समीर गुप्ता के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं की शहर को जरूरत है। जब तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर नहीं होता, तब तक आगरा रहने लायक शहरों में ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगा। ताजमहल के कारण पर्यटकों का आकर्षण है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार की स्थिति यहां ठीक नहीं। आईटी सिटी लाए बिना टॉप 10 रैंकिंग में आना मुश्किल है।
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मानकों के आधार पर तैयार होती है सूची
वर्ष 2018 से केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने ईज ऑफ लिविंग के लिए मानक तैयार किए और सूची जारी करना शुरू किया। इसमें संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, किफायती आवास, भूमि योजना, पार्क, परिवहन, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की गुणवत्ता जैसे 15 मानकों के आधार पर रहने लायक शहरों की सूची तैयार की जाती है।
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प्रदेश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की रैंकिंग
शहर रैंक
लखनऊ 26
वाराणसी 27
कानपुर 28
गाजियाबाद 30
प्रयागराज 32
आगरा 35
मेरठ 36
बरेली 47
शहर रैंक
लखनऊ 26
वाराणसी 27
कानपुर 28
गाजियाबाद 30
प्रयागराज 32
आगरा 35
मेरठ 36
बरेली 47