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अब शहर में ही पाइए डायलसिस सेवा मुफ्त

Sun, 10 Jan 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा Updated Sun, 10 Jan 2016 02:03 AM IST
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dylisis service get free of cast in city
किडनी रोगियों को शहर में ही बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। जिला अस्पताल में जल्द डायलसिस सेवा मुफ्त मिलेगी। अस्पताल में यूनिट के लिए इमारत लगभग तैयार हो चुकी है, उपकरण लगना बाकी है। यहां दस मशीन लगेंगी और हर रोज 30 मरीजों को लाभ मिल सकेगा। शनिवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण को आए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुधीर रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार ऐसी सुविधा प्रदेश के हर मंडल में करने जा रही है।
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पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत डायलसिस सेंटर चलेंगे। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक को टेंडर दिए जाएंगे। स्टाफ से लेकर दवाओं तक की व्यवस्था उन्हीं के जिम्मे रहेगी। संचालक को सरकार प्रति डायलसिस के रूप में निश्चित धनराशि देगी।
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गरीब मरीजों को बड़ी राहत
प्रदेश सरकार के इस पहल से गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। प्राइवेट अस्पताल में प्रति डायलसिस कराने का खर्चा करीब दो-ढाई हजार रुपये है। शहर में कुछ चेरिटेबिल संस्थाएं हैं, जो 400-600 रुपये तक में डायलसिस कराती हैं।
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इन मरीजों को पड़ती है जरूरत
किडनी में समस्या होने पर डायलसिस की जरूरत पड़ती है। किडनी में संक्रमण होने पर दो-चार बार डायलसिस के बाद मरीज ठीक हो जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत किडनी खराब हो जाने वाले मरीजों के लिए है। वो भी ऐसे मरीज, जिनको किडनी दान में नहीं मिलती और इसी स्थिति में रहते हैं। ऐसे मरीज को जीवनभर सप्ताह में करीब तीन बार डायलसिस की जरूरत रहती है। यह स्थिति ताउम्र रहती है।
झोलाछाप पर तत्काल एफआईआर
शहर में खुलेआम चल रहे झोलाछाप अस्पतालों पर छापेमारी होगी। मंत्री ने इसे गंभीर समस्या मानते हुए सीएमओ को छापेमार कार्रवाई कर तत्काल एफआईआर कराने के निर्देश दिए। बता दें कि शहर में प्रवेश करने वाले मार्ग पर असंख्य फर्जी डाक्टर हास्पिटल चला रहे हैं। बीते साल यमुनापार में ऐसी अस्पतालों ने तीन मरीजों की जान ले ली थी।
डाक्टर साहब, व्यवहार सुधार लीजिए
मंत्री दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल पहुंचे। गेट में प्रवेश करते हुए उन्हें एक वृद्धा मिली। उसकी शिकायत थी कि हड्डी वाले डाक्टर ने उनका एक्सरे नहीं किया और भगा दिया है। ये सुन वृद्धा को साथ लेकर ओपीडी कक्ष पहुंचे। डाक्टर से बात करने पता चला कि मरीज को एक्सरे की जरूरत नहीं। इस पर उन्होंने डाक्टर साहब को प्रेम से मरीज को समझाने की नसीहत दी। इसके बाद मंत्री ने वार्ड में निरीक्षण कर मरीजों की शिकायत सुनी।

स्टैंड बंद कराने के निर्देश
मंत्री से मरीजों ने साइकिल स्टैंड के नाम पर उगाही की शिकायत की। मरीजों ने बताया कि यहां प्रवेश के नाम पर 10-20 रुपये लेते हैं। ठेकेदार अभद्रता और गाली-गलौज से भी बाज नहीं आते। इस पर मंत्री ने सीएमएस को स्टैंड खत्म करने के निर्देश दिया।
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