फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   drug lisense

बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर, दवाएं सील

Fri, 13 Sep 2019 12:49 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2019 12:49 AM IST
विज्ञापन
drug lisense
कुरावली में क्लीनिक पर कार्रवाई करती खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम। - फोटो : MAINPURI
एक शिकायत पर जांच करने पहुंची टीम को बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री होती मिली। ये मेडिकल स्टोर एक क्लीनिक में संचालित था। जानकारी करने पर संचालक कोई भी डिग्री या अभिलेख भी नहीं दिखा सका। इसके बाद टीम ने दवाएं सील कर दो नमूने जांच के लिए भेजे हैं। वहीं, संचालक पर एफआईआर कराने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


कुरावली में संचालित तथागत हेल्थकेयर की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर की गई थी। शिकायत की जांच करने के लिए औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने यहां छापा मारा। इस दौरान मेडिकल स्टोर पर बड़ी मात्रा में एंटीबायोटिक दवाएं और इंजेक्शन जब्त किए गए।
विज्ञापन


न तो संचालक के पास दवाओं की बिक्री का लाइसेंस था और न ही अन्य कोई अभिलेख। इसके बाद टीम ने दवाओं को सील कर अपने कब्जे में लिया। वहीं एक कफ सीरप और विटामिन कैप्सूल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं अवैध रूप से उपचार करने पर कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को भी रिपोर्ट भेजी गई है। बताते चलें कि बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। शासन के आदेश के बाद ये कार्रवाई शुरू की गई है, जल्द ही विभाग बिना लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर पर भी कार्रवाई करेगा।

जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जांच करने क्लीनिक पर पहुंची तो संचालक प्रमोद शाक्य ने टीम को भी गुमराह किया। उन्होंने सिद्धार्थ मेडिकल स्टोर नाम का एक लाइसेंस दिखाया, जो कहीं अन्य का था। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि वे जल्द ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे थे।

तथागत हेल्थकेयर के नाम से संचालित क्लीनिक के संचालक प्रमोद कुमार शाक्य खुद को बीएएमएस बता रहे थे। लेकिन वे एलोपैथिक दवाओं से उपचार कर रहे थे, जो गैरकानूनी है। वहीं, दूसरी ओर जब प्रमोद कुमार से बीएएमएस की डिग्री मांगी गई तो वह भी नहीं दिखा सके। इसकी जांच के लिए औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को मामले की रिपोर्ट भेजी है।

कुरावली निवासी ब्रह्मानंद ने ऑनलाइन मामले की शिकायत की थी। इसमें उन्होंने बिना मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करने के साथ ही बिना उपयुक्त डिग्री के उपचार की शिकायत की थी। इसी शिकायत पर गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जांच करने पहुंची थी।


शिकायत पर छापमार कार्रवाई की गई थी, क्लीनिक पर बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री के साथ ही अन्य अनियमितताएं भी मिली हैं। दवाएं सील की गई हैं, संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
-उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed