एक्सपायर दवाओं का 'काला कारोबार': आगरा में एक करोड़ का माल जब्त, तीन लोग हिरासत में
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आगरा में औषधि विभाग की टीम ने राजौरा बंधुओं की फर्म से 40 लाख की दवा समेत एक करोड़ रुपये का सामान जब्त किया है। इसमें 50 लाख की मशीन और अन्य सामान है। छीपीटोला के मूल निवासी प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा के साथ मथुरा के सौरभ शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ चल रही है।
एसपी सिटी रोहन बोत्रे ने बताया कि तीनों पर मुकदमा दर्ज होगा। सहायक आयुक्त औषिधि अखिलेश जैन ने बताया कि दोनों भाई नामी कंपनियों में डेढ़ साल से एमआर थे, वहीं से दवाओं के अवैध धंधा शुरू किया। इनके यहां से करीब 10 कंपनियों की दवाएं जब्त हुई हैं, इनको नोटिस भेजा जा रहा है। जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं।
आवास विकास सेक्टर-12 स्थित सत्यम प्लाजा में चल रही फर्म राजौरा डिस्ट्रीब्यूटर्स में एक्सपायर हो चुकी दवाइयों को दोबारा पैकिंग कर बेचा जा रहा था। औषधि विभाग की टीम ने सोमवार दोपहर को फर्म पर छापा मारा तो इस काले कारनामे का खुलासा हुआ था। फर्म से भारी मात्रा में दवाइयां, रैपर, पैकिंग मशीनें बरामद की गई हैं।
राजौरा बंधुओं की फर्म से दवाइयों को अनार की पेटियों में पैक करके भेजा जा रहा था। पैकिंग मशीन के साथ ही यहां पर अनार, आम की खाली पेटियां मिली हैं। पुलिस फोर्स के साथ औषधि विभाग की टीम पहुंची तो दवाइयों की री-पैकिंग होती मिली। पेट और न्यूरो संबंधी दवाइयां बोरियों में भरी हुई थीं।
खुले कार्टन में नशे में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयां थीं। सबसे ज्यादा कार्टन मधुमेह की दवाइयों के थे। बरामद दवाइयों की गिनती की जा रही है। इनकी कीमत का अभी आकलन नहीं हो पाया है। राजौरा बंधुओं की कोठी बोदला में है। सत्यम प्लाजा में ही फर्म के ऊपर की तीसरी मंजिल में राजौरा बंधुओं का ऑफिस है।