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रेलकर्मी की आत्महत्या के बाद डीआरएम का फैसला, रेलवे अस्पताल में रहेंगे क्वारंटीन कर्मचारी
Thu, 30 Apr 2020 11:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 30 Apr 2020 11:54 AM IST
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रेलकर्मी की मौत के बाद टूंडला पहुंचे डीआरएम अमिताभ कुमार
- फोटो : अमर उजाला
एफएच मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन रेल कर्मचारी की आत्महत्या के बाद मंडल रेल प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद (डीआरएम) अमिताभ कुमार गुरुवार सुबह टूंडला पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित व संदिग्ध कर्मचारी निजी अस्पताल में नहीं रहेंगे। उन्हें रेलवे अस्पताल में रखा जाएगा।
अमिताभ कुमार ने रेलवे अस्पताल का निरीक्षण भी किया। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को देखा। डीआरएम ने एफएच मेडिकल कॉलेज से लाए क्वारंटीन रेलकर्मियों और उनके परिवारीजनों से मुलाकात कर उनकी हर संभव मदद का आश्वासन देकर हौसला बढ़ाया। अधिकारियों व चिकित्सकों को निर्देश दिए कि इलाज में लापरवाही न बरती जाए।
बता दें कि आगरा हाईवे स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन रेलकर्मी ने बुधवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतक रेलकर्मी को रेलवे के एक संक्रमित अधिकारी के संपर्क में आने पर 20 अप्रैल को क्वारंटीन किया गया था। मृतक रेलकर्मी के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि सुसाइड नोट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है।
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अमिताभ कुमार ने रेलवे अस्पताल का निरीक्षण भी किया। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को देखा। डीआरएम ने एफएच मेडिकल कॉलेज से लाए क्वारंटीन रेलकर्मियों और उनके परिवारीजनों से मुलाकात कर उनकी हर संभव मदद का आश्वासन देकर हौसला बढ़ाया। अधिकारियों व चिकित्सकों को निर्देश दिए कि इलाज में लापरवाही न बरती जाए।
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बता दें कि आगरा हाईवे स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन रेलकर्मी ने बुधवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतक रेलकर्मी को रेलवे के एक संक्रमित अधिकारी के संपर्क में आने पर 20 अप्रैल को क्वारंटीन किया गया था। मृतक रेलकर्मी के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि सुसाइड नोट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है।
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इतने दिनों में भी क्यों नहीं आई रिपोर्ट
रेलकर्मियों को 20 अप्रैल को एफएच मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया था। इसके बावजूद उनकी कोरोना जांच के लिए लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई। विगत पांच दिन से रेलकर्मी इस बात को लेकर अधिकारियों से कह रहे थे लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था।
रेलकर्मी की मौत के बाद उसकी जांच रिपोर्ट आई। आठ दिन गुजरने बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आने से रेलकर्मी हताश था। यदि मंगलवार तक जांच रिपोर्ट आ जाती तो शायद ओमप्रकाश बच सकता था। रेलकर्मी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
तीन-चार दिन से डिप्रेशन में था रेलकर्मी
क्वारंटीन रेलकर्मी पिछले तीन चार दिनों से डिप्रेशन में था। क्वारंटीन रेलकर्मियों के मुताबिक, उनके बाद गईं जांच रिपोर्ट आ चुकी थीं लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई थी। इससे वह खौफ में भी थे। उनके सैंपल खराब होना बताते हुए दोबारा लिए गए थे।
रेलकर्मियों को 20 अप्रैल को एफएच मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया था। इसके बावजूद उनकी कोरोना जांच के लिए लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई। विगत पांच दिन से रेलकर्मी इस बात को लेकर अधिकारियों से कह रहे थे लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था।
रेलकर्मी की मौत के बाद उसकी जांच रिपोर्ट आई। आठ दिन गुजरने बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आने से रेलकर्मी हताश था। यदि मंगलवार तक जांच रिपोर्ट आ जाती तो शायद ओमप्रकाश बच सकता था। रेलकर्मी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
तीन-चार दिन से डिप्रेशन में था रेलकर्मी
क्वारंटीन रेलकर्मी पिछले तीन चार दिनों से डिप्रेशन में था। क्वारंटीन रेलकर्मियों के मुताबिक, उनके बाद गईं जांच रिपोर्ट आ चुकी थीं लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई थी। इससे वह खौफ में भी थे। उनके सैंपल खराब होना बताते हुए दोबारा लिए गए थे।