{"_id":"61209dfef39f02195852c226","slug":"dr-bhimrao-ambedkar-university-gives-25-august-to-added-college","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अनियमितता: कॉलेजों के पास कमियां पूरी करने के लिए 25 तक का समय, विश्वविद्यालय ने किए पत्र जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनियमितता: कॉलेजों के पास कमियां पूरी करने के लिए 25 तक का समय, विश्वविद्यालय ने किए पत्र जारी
Sat, 21 Aug 2021 12:02 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 21 Aug 2021 12:02 PM IST
सार
सत्र 2021-22 में शिक्षक अनुमोदित न होने, प्रबंध समिति अनुमोदित न होने और कमियों को पूरा न करने पर आगामी सत्र के लिए कॉलेजों को संबद्धता नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का गेट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध सभी कॉलेजों को संबद्धता पत्र में बताई गई कमियों को पूरा करने के लिए 25 अगस्त तक का समय दिया है। कमियों को पूरा करके साक्ष्य विश्वविद्यालय में देना होगा। सत्र 2021-22 में शिक्षक अनुमोदित न होने, प्रबंध समिति अनुमोदित न होने और कमियों को पूरा न करने पर आगामी सत्र के लिए कॉलेजों को संबद्धता नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजीव कुमार सिंह की ओर से सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों व सचिवों को पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि स्थायी संबद्धता प्राप्त पाठ्यक्रमों में शिक्षक व प्रबंध समिति अनुमोदन प्राप्त न होने पर छात्रों के प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की ओर से लॉगिन नहीं खोला जाएगा। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन जिम्मेदार होंगे। कॉलेजों में संचालित स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों (बीएड पाठ्यक्रम के अलावा) में पठन-पाठन के लिए मानक के अनुरूप शिक्षकों का अनुमोदन विश्वविद्यालय से प्राप्त करना जरूरी है। कई कॉलेज समय-समय पर विश्वविद्यालय से शिक्षक अनुमोदन के लिए विशेषज्ञ प्राप्त कर लेते हैं, पर शिक्षकों के अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई है। यह अनियमितता है। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को अंतिम अवसर दिया गया है कि वह विश्वविद्यालय से विषय विशेषज्ञ प्राप्त करके शिक्षकों के अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी करा लें। अगस्त में ही प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके बाद कॉलेजों को विषय विशेषज्ञ दिया जाना संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
अभी तक कॉलेजों में शुरू नहीं हो पाई पढ़ाई
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। जबकि शासनादेश के मुताबिक 16 अगस्त से माध्यमिक विद्यालयों के साथ डिग्री कॉलेजों में कक्षाएं भौतिक रूप से लगनी थी। सबसे पहले स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष और परास्नातक अंतिम वर्ष की कक्षाएं लगनी हैं, अभी इनका परिणाम जारी नहीं हो सका है। स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं कराई गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमानुसार इन्हें प्रोन्नत देने का निर्णय लिया है। परीक्षा न कराए जाने के बाद भी प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत नहीं किया जा सका है। कॉलेजों ने परिणाम आने के बाद ही कक्षाएं लगाने की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय के प्राचार्य परिषद के महामंत्री डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि 17 अगस्त तक विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं ही हो रहीं थीं, इससे भी कक्षाओं के संचालन की योजना नहीं बनाई गई। अब परीक्षाएं संपन्न हो गई हैं, उम्मीद है कि प्रथम वर्ष के छात्रों को जल्द प्रोन्नत कर दिया जाएगा। इसके बाद कक्षाएं संचालित करा दी जाएंगी।
आगरा: विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आज से, वेब रजिस्ट्रेशन जरूरी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। जबकि शासनादेश के मुताबिक 16 अगस्त से माध्यमिक विद्यालयों के साथ डिग्री कॉलेजों में कक्षाएं भौतिक रूप से लगनी थी। सबसे पहले स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष और परास्नातक अंतिम वर्ष की कक्षाएं लगनी हैं, अभी इनका परिणाम जारी नहीं हो सका है। स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं कराई गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमानुसार इन्हें प्रोन्नत देने का निर्णय लिया है। परीक्षा न कराए जाने के बाद भी प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत नहीं किया जा सका है। कॉलेजों ने परिणाम आने के बाद ही कक्षाएं लगाने की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय के प्राचार्य परिषद के महामंत्री डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि 17 अगस्त तक विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं ही हो रहीं थीं, इससे भी कक्षाओं के संचालन की योजना नहीं बनाई गई। अब परीक्षाएं संपन्न हो गई हैं, उम्मीद है कि प्रथम वर्ष के छात्रों को जल्द प्रोन्नत कर दिया जाएगा। इसके बाद कक्षाएं संचालित करा दी जाएंगी।
आगरा: विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आज से, वेब रजिस्ट्रेशन जरूरी