विश्वविद्यालय: जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होंगी स्थगित व निरस्त मुख्य परीक्षाएं, होगी नई व्यवस्था
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बैठक में निर्णय लिया गया कि परीक्षाएं ओएमआर शीट पर आधारित होंगी। सभी पाठ्यक्रमों के सभी विषयों के प्रश्नपत्रों में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। यह निर्णय विश्वविद्यालय स्तर से लिया गया है।
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इसके पीछे उद्देश्य है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कम समय में और सुगमता से हो जाएगा। परिणाम जारी करने में समय कम लगेगा। वहीं, शासन के निर्देश पर परीक्षा का समय दो घंटे रखा गया है। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए और केंद्रों को सैनिटाइज कराकर परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
दोनों पालियों के बीच दो घंटे का अंतराल
जिससे विद्यार्थियों को असुविधा न हो और सामाजिक दूरी का पालन भी कराया जा सके। उनका कहना है कि परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाने का निर्णय संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षक संघ की सहमति से लिया गया है।
ऑनलाइन माध्यम से हुई परीक्षा समिति की बैठक में कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार, प्रो. अजय तनेता, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. पीके सिंह, डॉ. रोशन लाल, डॉ. यशपाल सिंह, डॉ. प्रताप सिंह, औटा के अध्यक्ष डॉ. मुकेश भारद्वाज व महामंत्री डॉ. निशांत चौहान की मौजूदगी रही।
अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं पहले होंगी
परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं पहले कराई जाएंगी और इनका परिणाम भी पहले जारी किया जाएगा। विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में करीब 3.90 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
विश्वविद्यालय को उठाना पड़ेगा आर्थिक नुकसान
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्थगित परीक्षाएं ओएमआर आधारित कराने पर आर्थिक रूप से नुकसान भी उठाना पड़ेगा। जो प्रश्नपत्र पहले छप चुके थे, अब उनका इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। वहीं, विश्वविद्यालय को नए सिरे से प्रश्नपत्र भी बनवाने होंगे।
इसमें शिक्षकों को फिर से लगना होगा। मुख्य परीक्षाएं दो मार्च को शुरू हुईं थीं और 17 मार्च के बाद ही सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थीं। जबकि परीक्षाएं 25 अप्रैल तक चलनी थीं। दो दिन की परीक्षाएं निरस्त भी कर दी गईं थीं। अधिकतर प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं अभी बाकी हैं।
विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के महामंत्री डॉ. निशांत चौहान का कहना है कि शिक्षक, छात्र हित में परीक्षा कराने के लिए तैयार हैं। पूरी तरह से सहयोग किया जाएगा। विवि को उचित व्यवस्थाएं करनी होंगी।
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए
विश्वविद्यालय की परीक्षाएं ऑफलाइन कराने का निर्णय स्वागत योग्य है। परीक्षा से पहले केंद्रों को सैनिटाइज किया जाना चाहिए। छात्रों के लिए सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था होनी चाहिए। -रवि यादव, जिला महासचिव, समाजवादी छात्रसभा
परीक्षा की तिथि घोषित करना अभी जल्दबाजी
एनएसयूआई ने मांग रखी थी कि प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को बिना परीक्षा के कक्षोन्नति दे दी जाए। सरकार ने अभी लॉकडाउन को खोलने का निर्णय नहीं लिया है, परीक्षा की तिथि घोषित करना जल्दबाजी है। - गौरव शर्मा, छात्र नेता, एनएसयूआई
ऑफलाइन परीक्षा कराने का निर्णय सही
ऑफलाइन परीक्षा कराए जाने का निर्णय सराहनीय है। संगठन इसकी मांग भी कर रहा था। परीक्षा कराने के लिए केंद्रों पर जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन कराया जाना चाहिए। -शिवम जैन, प्रांत मीडिया संयोजक, एबीवीपी