{"_id":"5f04af258ebc3e42c623a039","slug":"document-investication-kasganj-news-agr4494860159","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की भी होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की भी होगी जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में खुली फर्जीवाड़े की कलई के बाद पहले माध्यमिक और अब उच्च शिक्षा की भी जांच शुरू हो गई है। महाविद्यालयों में तैनात सभी प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की अब जांच की जाएगी। एडीएम ने अलग-अलग जांच टीमें गठित कर दी हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा खुलता जा रहा है। इसी के चलते पहले माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों की जांच शुरू हुई थी। अब उच्च शिक्षा विभाग ने भी प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। फर्जीवाड़े की कलई खोलने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में जांच के लिए एडीएम के नेतृत्व में तीन कमेटी बना दी गई हैं। तीनों कमेटियों में एक-एक अध्यक्ष दो-दो सदस्य शामिल किए गए हैं।
इस तरह जांच करेंगी कमेटियां
मुख्य जांच समिति अपर जिलाधिकारी अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में बनाई गई है। इस समिति में एएसपी आदित्य वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी आगरा धीरेंद्र कुमार सदस्य बनाए गए हैं। इस तीन सदस्यीय समिति के निर्देशन में स्थलीय जांच के लिए दो अलग समितियां कार्य करेंगी। राजकीय महाविद्यालय की जांच के लिए बनाई गई समिति में एसडीएम सदर ललित कुमार, राजकीय महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर कृष्ण गोपाल वार्ष्णेय और आगरा विश्व विद्यालय के वित्त अधिकारी को शामिल किया गया है। साथ ही शासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की जांच करेने वाली समिति में एसडीएम सदर ललित कुमार, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अफरोज आलम और इसी महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. सुधीर रावत शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
आंकड़े की नजर से-
- 4 महाविद्यालय हैं जिले में।
- 3 शासकीय और एक राजकीय महाविद्यालय है जिले में।
- 52 प्रवक्ता हैं महाविद्यालयों में।
- 4 प्राचार्य हैं महाविद्यालयों में।
- महाविद्यालयों में प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच शुरू कराई गई है। शासकीय और राजकीय महाविद्यालयों की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं। दोनों टीमों से जल्द दस्तावेज संकलित करने को कहा है। - अजय श्रीवास्तव, एडीएम।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा खुलता जा रहा है। इसी के चलते पहले माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों की जांच शुरू हुई थी। अब उच्च शिक्षा विभाग ने भी प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। फर्जीवाड़े की कलई खोलने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में जांच के लिए एडीएम के नेतृत्व में तीन कमेटी बना दी गई हैं। तीनों कमेटियों में एक-एक अध्यक्ष दो-दो सदस्य शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
इस तरह जांच करेंगी कमेटियां
मुख्य जांच समिति अपर जिलाधिकारी अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में बनाई गई है। इस समिति में एएसपी आदित्य वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी आगरा धीरेंद्र कुमार सदस्य बनाए गए हैं। इस तीन सदस्यीय समिति के निर्देशन में स्थलीय जांच के लिए दो अलग समितियां कार्य करेंगी। राजकीय महाविद्यालय की जांच के लिए बनाई गई समिति में एसडीएम सदर ललित कुमार, राजकीय महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर कृष्ण गोपाल वार्ष्णेय और आगरा विश्व विद्यालय के वित्त अधिकारी को शामिल किया गया है। साथ ही शासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की जांच करेने वाली समिति में एसडीएम सदर ललित कुमार, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अफरोज आलम और इसी महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. सुधीर रावत शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
आंकड़े की नजर से-
- 4 महाविद्यालय हैं जिले में।
- 3 शासकीय और एक राजकीय महाविद्यालय है जिले में।
- 52 प्रवक्ता हैं महाविद्यालयों में।
- 4 प्राचार्य हैं महाविद्यालयों में।
- महाविद्यालयों में प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच शुरू कराई गई है। शासकीय और राजकीय महाविद्यालयों की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं। दोनों टीमों से जल्द दस्तावेज संकलित करने को कहा है। - अजय श्रीवास्तव, एडीएम।