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डॉक्टर अपहरणकांड: एक लाख के इनामी सनी ने गौतमबुद्ध नगर की कोर्ट में किया सरेंडर
Sat, 29 Feb 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 29 Feb 2020 12:02 AM IST
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डॉक्टर निर्विकल्प
- फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टर निर्विकल्प अपहरण कांड के आरोपी सनी मलिक पुत्र देवेंद्र मलिक निवासी सैनिक बिहार कॉलोनी कंकरखेड़ा (मेरठ) ने गौतमबुद्ध नगर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
डॉक्टर अपहरण कांड के आरोपी के किसी अन्य केस में सरेंडर करने से मथुरा पुलिस की एक बार फिर किरकिरी हुई है। खास यह है कि अब इस मामले में भोपाल के नितेश को गिरफ्तार करके पीठ थपथपाने वाली मथुरा पुलिस फिर किरकिरी हुई है। बताया जा रहा है कि सनी ने आर्म्स एक्ट के मामले में सरेंडर किया है।
एसआईटी के प्रभारी एसपी क्राइम राधेश्याम राय की जांच अभी तक एक कदम भी बढ़ नहीं सकी है, वहीं सीओ रिफाइनरी वरुण कुमार भी इस मामले में कुछ खास नहीं कर सके।
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डॉक्टर अपहरण कांड के आरोपी के किसी अन्य केस में सरेंडर करने से मथुरा पुलिस की एक बार फिर किरकिरी हुई है। खास यह है कि अब इस मामले में भोपाल के नितेश को गिरफ्तार करके पीठ थपथपाने वाली मथुरा पुलिस फिर किरकिरी हुई है। बताया जा रहा है कि सनी ने आर्म्स एक्ट के मामले में सरेंडर किया है।
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एसआईटी के प्रभारी एसपी क्राइम राधेश्याम राय की जांच अभी तक एक कदम भी बढ़ नहीं सकी है, वहीं सीओ रिफाइनरी वरुण कुमार भी इस मामले में कुछ खास नहीं कर सके।
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आखिरकार आईजी की गठित टीम का यह हाल है तो फिर हकीकत से पर्दा कभी नहीं हट पाएगा। खास यह है कि मथुरा पुलिस की कई टीमें एक लाख रुपये के इनामी को पकड़ने को लगाई गई थीं, जिनमें स्वाट टीम, एसओजी टीम और छाता कोतवाली के इंस्पेक्टर शामिल हैं पर यह टीम भी इनामी को पकड़ने में नाकाम रही।
एक लाख के इनामी ने सरेंडर कर दिया। पुलिस की टीमें वही जो एक लाख के इनामी को बाजना से नितेश उर्फ रीगल को पकड़ने का दावा कर रही थी। केवल कप्तान के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए यह खेल खेला गया। जबकि चार दिन पहले इसे पकड़ लिया गया था। अब सवाल खड़ा होता है कि एक इनामी ने तो पुलिस को गच्चा देकर सरेंडर कर दिया।
अब यह मान लिया जाए कि मास्टरमाइंड अनूप और महेश निवासी गांव कोलाहार नौहझील भी कोर्ट में सरेंडर करके पुलिस की टीमों की किरकिरी जरूर करवा देंगे। गौरतलब है कि 10 दिसंबर को डॉक्टर निर्विकल्प का अपहरण किया गया था और 11 फरवरी को हाईवे थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
एक लाख के इनामी ने सरेंडर कर दिया। पुलिस की टीमें वही जो एक लाख के इनामी को बाजना से नितेश उर्फ रीगल को पकड़ने का दावा कर रही थी। केवल कप्तान के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए यह खेल खेला गया। जबकि चार दिन पहले इसे पकड़ लिया गया था। अब सवाल खड़ा होता है कि एक इनामी ने तो पुलिस को गच्चा देकर सरेंडर कर दिया।
अब यह मान लिया जाए कि मास्टरमाइंड अनूप और महेश निवासी गांव कोलाहार नौहझील भी कोर्ट में सरेंडर करके पुलिस की टीमों की किरकिरी जरूर करवा देंगे। गौरतलब है कि 10 दिसंबर को डॉक्टर निर्विकल्प का अपहरण किया गया था और 11 फरवरी को हाईवे थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।