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मंत्री पुत्र का 115 बूथ पर न खुला खाता
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:43 PM IST
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115 बूथ पर अवधेश सुमन को नहीं मिला वोट।
60 बूथ पर नरेंद्र बघेल का न खुला खाता।
68 बूथ पर कर्नल उमेश वर्मा जीरो पर आउट।
119 बूथ पर कर्नल को मिला केवल एक वोट।
84 बूथ पर नरेंद्र बघेल को एक वोट मिला।
86 बूथ पर अवधेश सुमन को एक वोट।
बसपा सरकार में पूरे पांच साल केबिनेट मंत्री रहे नारायन सिंह सुमन के पुत्र और एमएलसी रहे वीरू सुमन के भाई अवधेश सुमन छावनी विधानसभा क्षेत्र के 115 बूथों पर जीरो पर आउट हुए। रालोद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे मंत्री पुत्र का खाता तक न खुला। 86 बूथों पर वह एक वोट ही पा सके। शहर की सभी सीटों पर रालोद प्रत्याशियों का ऐसा ही हाल रहा, लेकिन सुमन सबसे आगे रहे। उनके बाद उत्तर सीट के रालोद प्रत्याशी कर्नल उमेश वर्मा रहे, जिन्हें 68 बूथों पर एक भी वोट नहीं मिला तो 119 बूथ पर केवल एक वोट पा सके। उनके बाद एत्मादपुर के रालोद प्रत्याशी नरेंद्र बघेल रहे, जिनका 60 बूथ पर खाता तक न खुला। एत्मादपुर कभी रालोद का गढ़ रहा है।
कमजोर संगठन वाली केवल रालोद ही नहीं, बल्कि बसपा प्रत्याशी भी कई बूथों पर बेहद कम वोट पा सके। विधायक गुटियारी लाल नौ बूथों पर पांच से कम वोट ले पाए तो वहीं भाजपा प्रत्याशी जीएस धर्मेश बूथ नंबर 265 पर केवल एक वोट ही पा सके। सपा की ममता टपलू को दो बूथों पर पांच से कम वोट मिले।
सबसे ज्यादा वोट, पर एक बूथ पर वोट नहीं
आगरा में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले एत्मादपुर के भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप सिंह चौहान हैं, जिन्हें 1,37,381 वोट मिले, लेकिन एक बूथ ऐसा भी रहा, जहां उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। बूथ नंबर 262 पर उनका खाता नहीं खुला, जबकि बूथ नंबर 410 पर एक, 258 पर कुल तीन वोट मिले। बसपा प्रत्याशी डा. धर्मपाल सिंह को सबसे कम एक वोट बूथ नंबर 285 पर मिला, वहीं सपा की राजबेटी बघेल को दो बूथों पर एक भी वोट नहीं मिला। उन्हें पांच बूथ पर केवल एक-एक वोट मिल पाया।
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भुट्टो का दो बूथ पर खाता न खुला
बसपा ने एक बूथ, 10 यूथ का नारा दिया, लेकिन दक्षिण सीट पर बसपा प्रत्याशी जुल्फिकार अहमद भुट्टो को बूथ नंबर 199, 238 पर एक भी वोट नहीं मिला। उन्हें चार बूथों पर केवल एक वोट मिला, वहीं दो वोट भी दो बूथ पर मिले। 7 बूथों पर भुटटो को 3 वोट मिले तो चार वोट एक बूथ पर मिला। भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र उपाध्याय को हर बूथ पर वोट तो मिला, लेकिन सबसे कम एक वोट 284 नंबर बूथ पर मिला। दो वोट तीन बूथों पर मिले और 3 वोट दो बूथ पर मिल पाए। कांग्रेस-सपा प्रत्याशी नजीर अहमद को सबसे कम एक वोट 69 नंबर बूथ पर मिला।
ज्ञानेंद्र गौतम को मिला एक वोट
उत्तर सीट से बसपा प्रत्याशी ज्ञानेंद्र गौतम को सबसे कम एक वोट बूथ नंबर 391 पर मिला तो वहीं दो वोट दो बूथों पर और तीन वोट एक बूथ पर मिले। चार वोट वाले 3 और पांच वोट के 3 बूथ रहे। दस से कम वोट उन्हें 18 बूथों पर मिले। सपा प्रत्याशी अतुल गर्ग को सबसे कम एक वोट दो बूथों 84, 86 नंबर पर मिला, वहीं बंपर वोट पाने वाले विधायक जगन प्रसाद गर्ग को सबसे कम पांच वोट बूथ नंबर 177 पर मिले। उन्हें 9 वोट बूथ नंबर 270, 272 पर मिले।
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60 बूथ पर नरेंद्र बघेल का न खुला खाता।
68 बूथ पर कर्नल उमेश वर्मा जीरो पर आउट।
119 बूथ पर कर्नल को मिला केवल एक वोट।
84 बूथ पर नरेंद्र बघेल को एक वोट मिला।
86 बूथ पर अवधेश सुमन को एक वोट।
बसपा सरकार में पूरे पांच साल केबिनेट मंत्री रहे नारायन सिंह सुमन के पुत्र और एमएलसी रहे वीरू सुमन के भाई अवधेश सुमन छावनी विधानसभा क्षेत्र के 115 बूथों पर जीरो पर आउट हुए। रालोद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे मंत्री पुत्र का खाता तक न खुला। 86 बूथों पर वह एक वोट ही पा सके। शहर की सभी सीटों पर रालोद प्रत्याशियों का ऐसा ही हाल रहा, लेकिन सुमन सबसे आगे रहे। उनके बाद उत्तर सीट के रालोद प्रत्याशी कर्नल उमेश वर्मा रहे, जिन्हें 68 बूथों पर एक भी वोट नहीं मिला तो 119 बूथ पर केवल एक वोट पा सके। उनके बाद एत्मादपुर के रालोद प्रत्याशी नरेंद्र बघेल रहे, जिनका 60 बूथ पर खाता तक न खुला। एत्मादपुर कभी रालोद का गढ़ रहा है।
कमजोर संगठन वाली केवल रालोद ही नहीं, बल्कि बसपा प्रत्याशी भी कई बूथों पर बेहद कम वोट पा सके। विधायक गुटियारी लाल नौ बूथों पर पांच से कम वोट ले पाए तो वहीं भाजपा प्रत्याशी जीएस धर्मेश बूथ नंबर 265 पर केवल एक वोट ही पा सके। सपा की ममता टपलू को दो बूथों पर पांच से कम वोट मिले।
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सबसे ज्यादा वोट, पर एक बूथ पर वोट नहीं
आगरा में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले एत्मादपुर के भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप सिंह चौहान हैं, जिन्हें 1,37,381 वोट मिले, लेकिन एक बूथ ऐसा भी रहा, जहां उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। बूथ नंबर 262 पर उनका खाता नहीं खुला, जबकि बूथ नंबर 410 पर एक, 258 पर कुल तीन वोट मिले। बसपा प्रत्याशी डा. धर्मपाल सिंह को सबसे कम एक वोट बूथ नंबर 285 पर मिला, वहीं सपा की राजबेटी बघेल को दो बूथों पर एक भी वोट नहीं मिला। उन्हें पांच बूथ पर केवल एक-एक वोट मिल पाया।
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भुट्टो का दो बूथ पर खाता न खुला
बसपा ने एक बूथ, 10 यूथ का नारा दिया, लेकिन दक्षिण सीट पर बसपा प्रत्याशी जुल्फिकार अहमद भुट्टो को बूथ नंबर 199, 238 पर एक भी वोट नहीं मिला। उन्हें चार बूथों पर केवल एक वोट मिला, वहीं दो वोट भी दो बूथ पर मिले। 7 बूथों पर भुटटो को 3 वोट मिले तो चार वोट एक बूथ पर मिला। भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र उपाध्याय को हर बूथ पर वोट तो मिला, लेकिन सबसे कम एक वोट 284 नंबर बूथ पर मिला। दो वोट तीन बूथों पर मिले और 3 वोट दो बूथ पर मिल पाए। कांग्रेस-सपा प्रत्याशी नजीर अहमद को सबसे कम एक वोट 69 नंबर बूथ पर मिला।
ज्ञानेंद्र गौतम को मिला एक वोट
उत्तर सीट से बसपा प्रत्याशी ज्ञानेंद्र गौतम को सबसे कम एक वोट बूथ नंबर 391 पर मिला तो वहीं दो वोट दो बूथों पर और तीन वोट एक बूथ पर मिले। चार वोट वाले 3 और पांच वोट के 3 बूथ रहे। दस से कम वोट उन्हें 18 बूथों पर मिले। सपा प्रत्याशी अतुल गर्ग को सबसे कम एक वोट दो बूथों 84, 86 नंबर पर मिला, वहीं बंपर वोट पाने वाले विधायक जगन प्रसाद गर्ग को सबसे कम पांच वोट बूथ नंबर 177 पर मिले। उन्हें 9 वोट बूथ नंबर 270, 272 पर मिले।