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फीस लेने के बाद भी नहीं भरवाए परीक्षा फार्म
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:46 AM IST
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परीक्षा सहायक सतेंद्र की मौत के बाद भी डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने सबक नहीं लिया। नए सत्र के लिए 115 कालेजों ने अभी परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया है। इसलिए इन कालेजों के साढ़े तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म भी नहीं भरे गए हैं।
2015-16 में 14 कालेजों ने विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क नहीं दिया था। ये धनराशि साढ़े तीन करोड़ से अधिक थी। शुल्क जमा करने का दबाव बनाने पर सतेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बावजूद विश्वविद्यालय ने शुल्क जमा न करने वालों पर सख्ती नहीं की है। हालत ये है कि 2016-17 सेशन के 115 कालेजों का शुल्क बकाया है, ये धनराशि करीब 70 करोड़ रुपये है। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी थी। पीआरओ डा. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे कालेजाें को अंतिम मौका दिया गया है। तीन मार्च तक भी शुल्क जमा न करने वाले कालेजों के छात्र परीक्षा से वंचित रहेंगे।
छात्रों से धोखा करने वाले कालेजों पर मेहरबानी
परीक्षा शुल्क न जमा करने वाले 14 कालेज (इनमें से दो ने समय बीतने के बाद फीस जमा की) पर विश्वविद्यालय प्रशासन मेहरबानी बनाए हुए हैं। छात्रों के साथ धोखा करने वाले कालेजों पर विश्वविद्यालय ने अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि इनके करीब दस हजार छात्र इस बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे। छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णमणि त्रिपाठी का कहना है कि छात्रों ने शुल्क पहले ही जमा कर दिया था, इसमें छात्रों का कोई दोष नहीं। ऐसे कालेजाें की संबद्धता समाप्त की जाए।
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2015-16 में 14 कालेजों ने विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क नहीं दिया था। ये धनराशि साढ़े तीन करोड़ से अधिक थी। शुल्क जमा करने का दबाव बनाने पर सतेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बावजूद विश्वविद्यालय ने शुल्क जमा न करने वालों पर सख्ती नहीं की है। हालत ये है कि 2016-17 सेशन के 115 कालेजों का शुल्क बकाया है, ये धनराशि करीब 70 करोड़ रुपये है। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी थी। पीआरओ डा. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे कालेजाें को अंतिम मौका दिया गया है। तीन मार्च तक भी शुल्क जमा न करने वाले कालेजों के छात्र परीक्षा से वंचित रहेंगे।
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छात्रों से धोखा करने वाले कालेजों पर मेहरबानी
परीक्षा शुल्क न जमा करने वाले 14 कालेज (इनमें से दो ने समय बीतने के बाद फीस जमा की) पर विश्वविद्यालय प्रशासन मेहरबानी बनाए हुए हैं। छात्रों के साथ धोखा करने वाले कालेजों पर विश्वविद्यालय ने अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि इनके करीब दस हजार छात्र इस बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे। छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णमणि त्रिपाठी का कहना है कि छात्रों ने शुल्क पहले ही जमा कर दिया था, इसमें छात्रों का कोई दोष नहीं। ऐसे कालेजाें की संबद्धता समाप्त की जाए।
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