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दिवाली पर 37 साल बना यह महासंयोग, बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा
Sun, 27 Oct 2019 10:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Oct 2019 10:12 PM IST
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Diwali 2019
- फोटो : अमर उजाला
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दीपावली आपके लिए और भी शुभ होने जा रही है। इस बार दिवाली पर 37 साल बाद सूर्य देव का दिन, चित्रा नक्षत्र और अमावस्या का महासंयोग बन रहा है। इस शुभ योग में पूजन करने से सभी पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।
मथुरा के दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी बताते हैं कि सही मुहूर्त के साथ महालक्ष्मी और गणेश जी का पूजन अत्यंत लाभकारी है। दीपावली पूजन के कई शुभ मुहूर्त हैं।
27 अक्तूबर की दोपहर 12:22 पर अमावस्या तिथि का शुभारंभ होने के साथ ही प्रतिष्ठानों एवं घरों में पूजा के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। 2 बजे के बाद से 3:40 तक शुभ बेला में तथा प्रदोष बेला एवं वृषभ लगन सायंकाल 6 से 8:39 बजे तक है। इसके बाद रात 12:15 से लगभग 2:15 तक पूजन किया जा सकता है।
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मथुरा के दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी बताते हैं कि सही मुहूर्त के साथ महालक्ष्मी और गणेश जी का पूजन अत्यंत लाभकारी है। दीपावली पूजन के कई शुभ मुहूर्त हैं।
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27 अक्तूबर की दोपहर 12:22 पर अमावस्या तिथि का शुभारंभ होने के साथ ही प्रतिष्ठानों एवं घरों में पूजा के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। 2 बजे के बाद से 3:40 तक शुभ बेला में तथा प्रदोष बेला एवं वृषभ लगन सायंकाल 6 से 8:39 बजे तक है। इसके बाद रात 12:15 से लगभग 2:15 तक पूजन किया जा सकता है।
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ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन
शरद चतुर्वेदी साहित्याचार्य ने बताया कि एक चौकी लगाकर उस पर लाल कपड़ा बिछाने के बाद लक्ष्मी गणेश जी को स्थापित करें। घी का दीपक भगवान के दाहिनी तरफ एवं तेल का दीपक बायीं तरफ जलाएं और भगवान का मन में स्मरण करें। इसके बाद पांच बार लक्ष्मी गणेश जी पर शुद्ध जल से छींटे लगाएं।
रोली, चावल, हल्दी, मेहंदी इत्यादि से लक्ष्मी गणेश जी का पूजन कर मिठाई एवं फल के साथ खील, बतासे, खिलौना का भी प्रसाद लगाएं। इसके बाद कमल के पुष्पों के साथ पुष्पमाला चढ़ाएं आरती करें। रात में श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त, कनकधारा स्तोत्र और गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ एवं लक्ष्मी जी मंत्र का जप करें जागरण करें।
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रोली, चावल, हल्दी, मेहंदी इत्यादि से लक्ष्मी गणेश जी का पूजन कर मिठाई एवं फल के साथ खील, बतासे, खिलौना का भी प्रसाद लगाएं। इसके बाद कमल के पुष्पों के साथ पुष्पमाला चढ़ाएं आरती करें। रात में श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त, कनकधारा स्तोत्र और गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ एवं लक्ष्मी जी मंत्र का जप करें जागरण करें।
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