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UP News: शिक्षिका नीतू यादव शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए चयनित, परिवार में खुशी की लहर
Fri, 01 Sep 2023 01:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 01 Sep 2023 01:15 PM IST
सार
राज्य पुरस्कार के लिए चयनित होने की जानकारी मिलने पर परिजन खुशी से झूम उठे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और साथी शिक्षक शिक्षिकाओं ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
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नीतू यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कासगंज में शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए नीतू यादव का चयन किया गया है। नीतू यादव का नवाचार और विद्यालय में पठन -पाठन का बेहतर माहौल बनाने के लिए राज्य सम्मान के लिए चयनित किया गया है। चयन की सूचना मिलने पर शिक्षिका के परिवार में खुशियां हैं। परिवार के लोगों ने शिक्षिका को बधाई देते हुए मिठाई खिलाई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और साथी शिक्षक शिक्षिकाओं ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
शिक्षिका नीतू यादव शहर के सूरज प्रसाद डागा सरस्वती विद्या मंदिर के पूर्व प्रधानाचार्य स्वर्गीय रक्षपाल सिंह यादव की बेटी हैं। वर्ष 2004 में शिक्षिका के रूप में उनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग में हुई। वर्ष 2006 में सोरोंजी ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर में तैनाती हुई। वर्ष 2011 में प्रोन्नति मिलने पर वह इस विद्यालय की प्रधानाचार्य बनी। उन्होंने इसके बाद से ही विद्यालय में नवाचार शुरू किया। विद्यालय के छात्र छात्राओं को कोरोना में डिजीटल प्लेटफार्म से जोड़ा। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग लिया गया।
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उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्म के अलावा विद्यालय की स्मृतियों से जुड़ी दिव्यांजलि पुस्तिका बनाई। जिसकी सराहना बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और साथी शिक्षक शिक्षिकाओं ने की। छात्र छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। विद्यालय में बेहतर कायाकल्प के कार्य किए। बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए। विद्यालय में 200 विद्यार्थियों की संख्या है। जिसमें 99 छात्र और 101 छात्राएं हैं। वर्ष 2023 में विद्यालय को निपुण घोषित किया गया। वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग की प्रयागराज से आई टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया और यहां के नवाचार और व्यवस्थाओं को सराहा। जिससे शिक्षिका नीतू यादव का शिक्षा और विद्यालय के लिए समर्पण हर किसी को नजर आने लगा। जिसके माध्यम से वह राज्य पुरस्कार पाने की पात्र बनीं। नीतू यादव ने कहा कि उनके नवाचार को जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने प्रोत्साहित किया गया।
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परिवार में छाईं खुशियां, नीतू को मिल रहीं बधाईयां
शिक्षिका नीतू यादव को राज्य पुरस्कार के लिए चयनित होने की जानकारी परिजनों को मिली तो वह खुशी से झूम गए। परिवार के लोगों ने नीतू को बधाईयां दीं। नीतू के पति लोकेंद्र यादव भी नीतू का सहयोग करते हैं। नीतू की मां रामवती को जब पुरस्कार के संबंध में जानकारी हुई तो उन्होंने भी नीतू को मिठाई खिलाकर आर्शीवाद दिया। पति लोकेंद्र ने बताया कि नीतू शिक्षा के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी हमेशा ध्यान दिया। बड़ा बेटा मानस यादव सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। जबकि छोटा बेटा समीर यादव भी डीफार्मा की पढ़ाई कर रहा है।
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शिक्षिका नीतू यादव शहर के सूरज प्रसाद डागा सरस्वती विद्या मंदिर के पूर्व प्रधानाचार्य स्वर्गीय रक्षपाल सिंह यादव की बेटी हैं। वर्ष 2004 में शिक्षिका के रूप में उनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग में हुई। वर्ष 2006 में सोरोंजी ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर में तैनाती हुई। वर्ष 2011 में प्रोन्नति मिलने पर वह इस विद्यालय की प्रधानाचार्य बनी। उन्होंने इसके बाद से ही विद्यालय में नवाचार शुरू किया। विद्यालय के छात्र छात्राओं को कोरोना में डिजीटल प्लेटफार्म से जोड़ा। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग लिया गया।
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उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्म के अलावा विद्यालय की स्मृतियों से जुड़ी दिव्यांजलि पुस्तिका बनाई। जिसकी सराहना बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और साथी शिक्षक शिक्षिकाओं ने की। छात्र छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। विद्यालय में बेहतर कायाकल्प के कार्य किए। बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए। विद्यालय में 200 विद्यार्थियों की संख्या है। जिसमें 99 छात्र और 101 छात्राएं हैं। वर्ष 2023 में विद्यालय को निपुण घोषित किया गया। वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग की प्रयागराज से आई टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया और यहां के नवाचार और व्यवस्थाओं को सराहा। जिससे शिक्षिका नीतू यादव का शिक्षा और विद्यालय के लिए समर्पण हर किसी को नजर आने लगा। जिसके माध्यम से वह राज्य पुरस्कार पाने की पात्र बनीं। नीतू यादव ने कहा कि उनके नवाचार को जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने प्रोत्साहित किया गया।
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परिवार में छाईं खुशियां, नीतू को मिल रहीं बधाईयां
शिक्षिका नीतू यादव को राज्य पुरस्कार के लिए चयनित होने की जानकारी परिजनों को मिली तो वह खुशी से झूम गए। परिवार के लोगों ने नीतू को बधाईयां दीं। नीतू के पति लोकेंद्र यादव भी नीतू का सहयोग करते हैं। नीतू की मां रामवती को जब पुरस्कार के संबंध में जानकारी हुई तो उन्होंने भी नीतू को मिठाई खिलाकर आर्शीवाद दिया। पति लोकेंद्र ने बताया कि नीतू शिक्षा के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी हमेशा ध्यान दिया। बड़ा बेटा मानस यादव सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। जबकि छोटा बेटा समीर यादव भी डीफार्मा की पढ़ाई कर रहा है।