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Agra News: नए अस्पताल के लाइसेंस में अटकी जिंदगी, मालगाड़ी की चपेट में आकर डॉक्टर की मौत

Mon, 13 Jul 2026 02:59 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: आगरा ब्यूरो Updated Mon, 13 Jul 2026 02:59 AM IST
सार

आगरा के सिकंदरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से चिकित्सक डॉ. लटूरी सिंह यादव की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार नया अस्पताल खोलने के लिए लाइसेंस न मिलने से वह तनाव में थे और प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना जा रहा है।

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Distressed by the denial of hospital license, a doctor committed suicide by getting hit by a train.
लटूरी सिंह यादव 

विस्तार

आगरा के सिकंदरा स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने शनिवार रात को मालगाड़ी की चपेट में आने से डॉ. लटूरी सिंह यादव (52) की मृत्यु हो गई। उनकी कार सर्विस रोड पर खड़ी मिली। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि चिकित्सक नया हॉस्पिटल खोल रहे थे। लाइसेंस में अड़चन आ रही थी। इस वजह से परेशान चल रहे थे। उन्होंने तनाव में आकर आत्महत्या की है। हालांकि परिजन ने किसी तरह की शिकायत नहीं की है।
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मूलरूप से फिरोजाबाद के पचोखरा स्थित नगला ढाक निवासी डॉ. लटूरी सिंह यादव आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर सात में परिवार सहित रह रहे थे। बेटे मयंक भी मेडिकल पढ़ाई कर रहे हैं। डॉ. लटूरी कमला नगर में एक हॉस्पिटल किराये पर संचालित कर रहे थे। वह कमला नगर में ही साईं कृपा के नाम से हॉस्पिटल खोलने जा रहे थे। 6 महीने पहले काम शुरू हो गया था।
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उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण के लिए आवेदन कर रखा था। परिवार के डॉ. बृजेश यादव ने बताया कि आवेदन करने के बाद भी विभाग की ओर से पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा था। डॉ. लटूरी कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। तीन दिन पहले वह सीएमओ ऑफिस गए थे। उन्हें बताया गया कि आवेदन निरस्त कर दिया गया है। पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। हॉस्पिटल बनाने में काफी रकम खर्च कर चुके थे। इस वजह से लटूरी सिंह तनाव में आ गए। इस बारे में परिवार के लोगों को भी बताया। शनिवार सुबह 11 बजे साइट पर गए थे। शाम को 7:30 बजे घर जाने की कहकर निकले थे।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि रात तकरीबन 9 बजे सूचना मिली कि गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने रेलवे लाइन पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हुई है। लोको पायलट ने रेलवे कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस पहुंच गई। पुलिस शव को पोस्टमार्टम गृह भेजने की तैयारी कर रही थी। परिजन आ गए। उन्होंने पहचान कर ली। उनकी कार सर्विस रोड पर खड़ी मिली। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है।

परिजन को पहले ही बता दी थी परेशानी
पुलिस की जांच में पता चला कि डॉ. लटूरी सिंह लाइसेंस नहीं मिलने की वजह से परेशान थे। उन्होंने परिजन को इस बारे में बता दिया था। कहा था कि लाइसेंस मिलने में कई तरह की अड़चन आ रही हैं। उन्होंने काफी कुछ खर्च कर दिया था। शनिवार को अस्पताल से घर नहीं आने पर परिजन भी तलाश में लग गए थे। पुलिस का मानना है कि उन्होंने पहले ही बताया होगा। इसलिए परिजन सीधे गुरुद्वारा गुरु का ताल पर तलाश करते हुए पहुंचे थे। भाई नरेंद्र ने बताया कि तमाम प्रयास के बाद भी हॉस्पिटल का लाइसेंस नहीं मिल पा रहा था। उधर, रविवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को गांव ले गए।



सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में अस्पताल के नए लाइसेंस देने पर शासन से रोक लगी हुई है। मामले में फाइल निकलवाई जाएगी। किस आधार पर आवेदन निरस्त किया गया, यह पता किया जाएगा।
 
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