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UP: जहां बनेगा शिवाजी स्मारक, उस कोठी पर भी विवाद...लगनी है 60 फुट ऊंची प्रतिमा, ये तैयारी कर रहा प्रशासन
Tue, 29 Apr 2025 12:10 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:10 AM IST
सार
आगरा में जिस जगह पर छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक प्रस्तावित है, उस पर विवाद है। मामला कोर्ट में चल रहा है। ऐसे में जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने रास्ता तलाशना शुरू कर दिया है।
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कोठी मीना बाजार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में एक तरफ कोठी मीना बाजार मैदान की 30 बीघा भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। दूसरी तरफ जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक प्रस्तावित है, उस कोठी पर भी विवाद है। राजा जयकिशन दास की इस कोठी की भूमि पर ट्रस्ट ने मालिकाना हक का दावा किया है।
ट्रस्ट के दावे को लेकर अदालत में मुकदमे विचाराधीन हैं। इधर, प्रशासन को 10 दिन में भूमि अधिग्रहण की रिपोर्ट शासन भेजनी है। ऐसे में प्रशासन अधिग्रहण राशि को कोर्ट में जमा कराएगा। जिस पक्ष के हक में फैसला होगा, उसे कोर्ट से धनराशि मिल जाएगी। ट्रस्ट और सरकार के बीच मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से अदालत में वाद विचाराधीन हैं। टीले पर कोठी है। इसके आस-पास करीब 2 बीघा भूमि है।
जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक प्रस्तावित है। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस कोठी में छत्रपति शिवाजी को कैद रखा गया था। उनका कहना है यह तथ्य इतिहास संकलन समिति की जांच में सामने आया है। इसलिए शिवाजी स्मारक के लिए यह सबसे उपयुक्त स्थल है।
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सात पक्ष लड़ रहे कानूनी लड़ाई
कोठी मीना बाजार मैदान मौजा खतैना में स्थित है। प्लॉट नंबर 560 एम में करीब 57 बीघा भूमि थी। इसमें 30 बीघा भूमि कलेक्टर सहित सात अलग-अलग पक्ष कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सभी पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। 1957 से अलग-अलग पक्ष अदालत गए। सरकार 30 बीघा भूमि को निष्क्रांत संपत्ति मानती है। यह मुस्लिम जमींदारों की भूमि थी। 1947 में बंटवारे के बाद जो मुस्लिम जमींदार पाकिस्तान चले गए। उनकी भूमि को सरकार ने निष्क्रांत संपत्ति घोषित किया था।
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ट्रस्ट के दावे को लेकर अदालत में मुकदमे विचाराधीन हैं। इधर, प्रशासन को 10 दिन में भूमि अधिग्रहण की रिपोर्ट शासन भेजनी है। ऐसे में प्रशासन अधिग्रहण राशि को कोर्ट में जमा कराएगा। जिस पक्ष के हक में फैसला होगा, उसे कोर्ट से धनराशि मिल जाएगी। ट्रस्ट और सरकार के बीच मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से अदालत में वाद विचाराधीन हैं। टीले पर कोठी है। इसके आस-पास करीब 2 बीघा भूमि है।
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जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक प्रस्तावित है। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस कोठी में छत्रपति शिवाजी को कैद रखा गया था। उनका कहना है यह तथ्य इतिहास संकलन समिति की जांच में सामने आया है। इसलिए शिवाजी स्मारक के लिए यह सबसे उपयुक्त स्थल है।
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सात पक्ष लड़ रहे कानूनी लड़ाई
कोठी मीना बाजार मैदान मौजा खतैना में स्थित है। प्लॉट नंबर 560 एम में करीब 57 बीघा भूमि थी। इसमें 30 बीघा भूमि कलेक्टर सहित सात अलग-अलग पक्ष कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सभी पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। 1957 से अलग-अलग पक्ष अदालत गए। सरकार 30 बीघा भूमि को निष्क्रांत संपत्ति मानती है। यह मुस्लिम जमींदारों की भूमि थी। 1947 में बंटवारे के बाद जो मुस्लिम जमींदार पाकिस्तान चले गए। उनकी भूमि को सरकार ने निष्क्रांत संपत्ति घोषित किया था।