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ढहा डीआईओएस अफसर का अतिक्रमण, विभाग को नए भवन की तलाश
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कासगंज में फोरलेन के लिए ढहाया गया डीआईओएस कार्यालय का अस्थायी भवन
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। बजट के अभाव में स्थायी कार्यालय से दूरी बनाए बैठा माध्यमिक शिक्षा विभाग किराए के भवनों पर मोहताज है। वर्षों से इधर-उधर निजी भवनों में दफ्तर संचालित किया जा रहा है। अब जब फोरलेन के लिए निजी भवन का अतिक्रमण ढहाया गया तो डीआईओएस दफ्तर भी ढह गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग को अब फिर से नए भवन की तलाश है।
जिले में अधिकांश सरकारी दफ्तरों का निर्माण तो पूरा हो गया है और दफ्तर स्थायी भवनों में संचालित होने लगे हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर अभी भी निर्माणाधीन है। कार्यदायी संस्था सूडा ने अभी तक डीआईओएस दफ्तर का निर्माण पूरा नहीं किया है। बजट के अभाव का हवाला देकर कार्यदायी संस्था निर्माण से हाथ खड़े किए हुए है। डीआईओएस दफ्तर फिलहाल सोरों रोड स्थित तायल कंपाउंड में संचालित हो रहा था लेकिन यह कंपाउंड फोरलेन की हद में अतिक्रमण में शामिल पाया गया। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर तायल कंपाउंड का भवन जो अतिक्रमण की हद में था उसे ढहा दिया गया है। अब ऐसे में डीआईओएस दफ्तर भी अस्तित्वहीन हो गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग को नए दफ्तर की तलाश है। विभाग अन्य निजी भवनों में माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर तैयार करने के प्रयास में है। स्थायी निर्माण न होने के कारण विभाग को अभी तक मुकाम नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अस्थायी दफ्तर की तलाश अभी पूरी नहीं हुई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के दफ्तर की यह बेकद्री माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की अनदेखी का हाल बयां कर रही है।
तोड़े जा रहे और भी भवन
माध्यमिक शिक्षा विभाग का अस्थायी दफ्तर ही नहीं तोड़ा गया है, बल्कि श्रीगणेश इंटर कॉलेज, बीएवी इंटर कॉलेज, वीके जैन कॉलेज औफ एजूकेशन सहित अन्य शैक्षिक संस्थानों के भवन भी तोड़े जा रहे हैं।
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आंकड़े की नजर से-
- 76 लाख रुपये से निर्माणाधीन है डीआईओएस दफ्तर।
- 50 लाख रुपये ही अब तक शासन से मिले हैं।
- 26 लाख रुपये की अभी भी दरकार।
वर्जन-
कार्यदायी संस्था को करना है काम
- कार्यदायी संस्था सूडा बजट का अभाव बता रही है और अभी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया है। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर किराए के भवन में ही संचालित हो सकता है। - आरएस राजपूत, डीआईओएस।
हटाए जा रहे अतिक्रमण
- अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। सरकारी भवन हों या निजी भवन जो भी फोरलेन के लिए अतिक्रमण के दायरे में आएंगे उनको तोड़ा जाएगा। - सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।
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जिले में अधिकांश सरकारी दफ्तरों का निर्माण तो पूरा हो गया है और दफ्तर स्थायी भवनों में संचालित होने लगे हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर अभी भी निर्माणाधीन है। कार्यदायी संस्था सूडा ने अभी तक डीआईओएस दफ्तर का निर्माण पूरा नहीं किया है। बजट के अभाव का हवाला देकर कार्यदायी संस्था निर्माण से हाथ खड़े किए हुए है। डीआईओएस दफ्तर फिलहाल सोरों रोड स्थित तायल कंपाउंड में संचालित हो रहा था लेकिन यह कंपाउंड फोरलेन की हद में अतिक्रमण में शामिल पाया गया। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर तायल कंपाउंड का भवन जो अतिक्रमण की हद में था उसे ढहा दिया गया है। अब ऐसे में डीआईओएस दफ्तर भी अस्तित्वहीन हो गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग को नए दफ्तर की तलाश है। विभाग अन्य निजी भवनों में माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर तैयार करने के प्रयास में है। स्थायी निर्माण न होने के कारण विभाग को अभी तक मुकाम नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अस्थायी दफ्तर की तलाश अभी पूरी नहीं हुई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के दफ्तर की यह बेकद्री माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की अनदेखी का हाल बयां कर रही है।
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तोड़े जा रहे और भी भवन
माध्यमिक शिक्षा विभाग का अस्थायी दफ्तर ही नहीं तोड़ा गया है, बल्कि श्रीगणेश इंटर कॉलेज, बीएवी इंटर कॉलेज, वीके जैन कॉलेज औफ एजूकेशन सहित अन्य शैक्षिक संस्थानों के भवन भी तोड़े जा रहे हैं।
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आंकड़े की नजर से-
- 76 लाख रुपये से निर्माणाधीन है डीआईओएस दफ्तर।
- 50 लाख रुपये ही अब तक शासन से मिले हैं।
- 26 लाख रुपये की अभी भी दरकार।
वर्जन-
कार्यदायी संस्था को करना है काम
- कार्यदायी संस्था सूडा बजट का अभाव बता रही है और अभी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया है। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा विभाग का दफ्तर किराए के भवन में ही संचालित हो सकता है। - आरएस राजपूत, डीआईओएस।
हटाए जा रहे अतिक्रमण
- अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। सरकारी भवन हों या निजी भवन जो भी फोरलेन के लिए अतिक्रमण के दायरे में आएंगे उनको तोड़ा जाएगा। - सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।