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कोरोना जांच के बाद ही अस्थायी जेल से मुख्य जेल में शिफ्ट होंगे कैदी- डीआईजी जेल
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कासगंज में जिला जेल का निरीक्षण करते डीआईजी जेल लव कुमार
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। डीजाईजी जेल आगरा लव कुमार ने शनिवार शाम को पचलाना जिला जेल का निरीक्षण किया। कैदियों के लिए तैयार की गई अस्थायी जेल की व्यवस्थाएं देखीं। स्थायी कारागार के परिसर का निरीक्षण किया। डीआईजी ने कहा कि नए कैदियों को अस्थायी जेल में रखकर 5 दिन बाद कोरोना की जांच कराई जाए।
पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि जेल में कोरोना की व्यवस्थाएं पूर्ण हैं। जो बंदी पूर्व में संक्रमित मिले थे वे ठीक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी कैदियों को आयुष काढ़ा दिया जा रहा है और योग अभ्यास भी कराया जा रहा है। ताकि इम्युनिटी को बढ़ाया जा सके। एक सवाल के जवाब में बताया कि अब जेल में मोबाइल फोन के प्रयोग की शिकायतें काफी कम हुई हैं।
लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। जेल में कैदी की मौत के संबंध में बताया कि उसकी मौत बीमारी से हुई है वह शुगर और गुर्दा रोग से ग्रसित था। उन्होंने बताया कि समय से कैदियों की कोरोना जांच हो। इसके लिए जिलाधिकारी से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार मेडिकल टीम जांच के लिए देरी से पहुंचती है। इस समस्या का भी समाधान किया जाएगा। कोरोना जांच में निगेटिव पाए गए बंदी ही मुख्य जेल में शिफ्ट किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि जेल में कोरोना की व्यवस्थाएं पूर्ण हैं। जो बंदी पूर्व में संक्रमित मिले थे वे ठीक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी कैदियों को आयुष काढ़ा दिया जा रहा है और योग अभ्यास भी कराया जा रहा है। ताकि इम्युनिटी को बढ़ाया जा सके। एक सवाल के जवाब में बताया कि अब जेल में मोबाइल फोन के प्रयोग की शिकायतें काफी कम हुई हैं।
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लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। जेल में कैदी की मौत के संबंध में बताया कि उसकी मौत बीमारी से हुई है वह शुगर और गुर्दा रोग से ग्रसित था। उन्होंने बताया कि समय से कैदियों की कोरोना जांच हो। इसके लिए जिलाधिकारी से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार मेडिकल टीम जांच के लिए देरी से पहुंचती है। इस समस्या का भी समाधान किया जाएगा। कोरोना जांच में निगेटिव पाए गए बंदी ही मुख्य जेल में शिफ्ट किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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