फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Diana got termites in the crown seat

ताज में डायना सीट पर लगी दीमक

Sat, 05 Dec 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 05 Dec 2015 02:09 AM IST
विज्ञापन
Diana got termites in the crown seat
ताजमहल में सेंट्रल टैंक की जिस डायना सीट पर बैठकर दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और अभिनेता फोटो क्लिक कराते रहे हैं वहां दीमक ने अपना घर बना लिया है। संगमरमर की इस बेंच के जोड़ भी खुल चुके हैं। ऐसे में इस पर बैठना खतरे से खाली नहीं है। संगमरमर की सीढ़ियों पर लकड़ी का कवच बनाने और लकड़ी के ही रैंप प्रयोग करने से दीमक बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

तीन साल पहले ताजमहल की नींव में दीमक लगने का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। दीमकरोधी ट्रीटमेंट के बाद दीमक की सफाई का ध्यान रखा गया, लेकिन अब ताज के संरक्षण में फिर से लापरवाही बरती गई है। सेंट्रल टैंक पर बनी बेंच के नीचे दीमक लगी है और उस पर पहुंचने के लिए लगाई गई लकड़ी की सीढ़ियों पर भी दीमक है। यह दीमक बेंच के सभी जोड़ों में भर चुकी है।
विज्ञापन

आठ साल पहले सीबीआरआई ने की जांच
2007 में सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) ने ताजमहल की आंतरिक संरचना की जांच की थी, जिसकी रिपोर्ट एएसआई को सौंपी गई। इसमें ताजमहल की फाउंडेशन की जांच के लिए 25 मीटर गहरी तथा 50 मिमी चौड़ी बोरिंग करने, पूरे स्मारक की लेजर स्कैनिंग करने, छोटे से छोटे नैनो बदलाव की पहचान, दीवारों पर एंटी टर्माइट ट्रीटमेंट, मुख्य गुंबद के नीचे आई दरार को भरने तथा मीनारों से चमगादड़ों को भगाने की व्यवस्था करने की संस्तुति की गई थी। इनमें से एएसआई ने दीवारों पर टर्माइट ट्रीटमेंट किया, लेकिन उसके बाद कई ऐसे प्रयोग कर दिए, जिससे ताजमहल पर दीमक बढ़ गई। ताजमहल पर लकड़ी की रैंप का प्रयोग इन आठ सालों में जबरदस्त किया गया है। ताज पर रैंप केसाथ संगमरमर की सीढ़ियों पर भी लकड़ी लगाई गई। यह न केवल बाहर, बल्कि मुख्य गुंबद में बेसमेंट की कब्र वाली सीढ़ियों पर भी लगा दी गई। एएसआई के इन प्रयोगों ने ताज को नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘ताजमहल पर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की सिफारिशों के मुताबिक कार्य किए जाते हैं। उनके कार्यकाल में अब तक दीमकरोधी ट्रीटमेंट नहीं कराया गया है। संभव है कि सीढ़ियों पर लकड़ी लगाने के कारण दीमक लग गई हो।’
डा. भुवन विक्रम
अधीक्षण पुरातत्वविद्, आगरा सर्किल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed