फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   dhoni hattric on paratrooping

पैराजंपिंग में हवा भी न रोक पाई धोनी की ‘हैट्रिक ’

Fri, 21 Aug 2015 01:38 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 21 Aug 2015 01:38 AM IST
विज्ञापन
dhoni hattric on paratrooping
1250 फुट से ही लगाई दूसरी और तीसरी जंप
विज्ञापन

55 सेकेंड लगे दूसरी जंप पूरी करने में
58 सेकेंड में पूरी की तीसरी छलांग
131 पैराट्रूपर दूसरी जंप में माही के बाद कूदे
10 पैराट्रूपर ने तीसरी छलांग में साथ दिया

तीन जंप
7.12  बजे सुबह बुधवार को पहली जंप हुई थी।
6.56  बजे सुबह गुरुवार को दूसरी जंप लगाई।
6.00  बजे शाम को तीसरी जंप पूरी की।

वर्ल्ड कप 2011 फाइनल में गजब की कप्तानी पारी खेलते हुए छक्का लगाकर जीत दिलाने वाले कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की जिद और जुनून गुरुवार को पैराजंपिंग में देखने को मिले। सुबह 6.56 बजे दूसरी पैराजंप में उतरते समय हवा अचानक तेज होने पर जमीन पर गिर जाने के बावजूद माही ने हिम्मत नहीं हारी। शाम छह बजे तीसरी जंप लगाकर अपनी चट्टान सी हिम्मत का लोहा मनवा लिया। आज भी उनकी दो जंप होंगी। इनमें से एक रात में कराई जाएगी।
मलपुरा के पैराड्रापिंग जोन में टीम इंडिया के वन डे कैप्टन ने बुधवार सुबह 7.12 बजे 1250 फुट ऊंचाई से कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बने पैराशूट के साथ 58 सेकेंड में अपनी पहली जंप पूरी की थी। गुरुवार को उन्हें एक के बाद एक दो जंप पूरी करनी थी।
विज्ञापन

सुबह पहली जंप के समय हवा तेज हो गई। उन्हें उतरते समय परेशानी हुई। उनके बाद कूदे दो पैराट्रूपर दूर जा गिरे। एक को तो कंधे में चोट भी लग गई। इसके बावजूद धोनी ने एक ही दिन में दो जंप लगाने का इरादा नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शाम को जैसे ही हवा का दबाव कम हुआ, तीसरी जंप की तैयारी शुरू हो गई। माही उस समय वालीबॉल खेल रहे थे। उनसे पूछा गया, आर यू रेडी ? माही ने कहा, यस आई एम। और चल दिए एक बार फिर 1250 फुट ऊंचाई से छलांग लगाने के लिए। उनकी ट्रेनिंग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उनकी शुक्रवार को एक नाइट जंप समेत दो और जंप होंगी।

सामान्य से दोगुना तेज थी हवा की रफ्तार
सुबह जब धोनी ने पहली जंप की, तो हवा सामान्य थी। लेकिन दूसरी की तैयारी के वक्त हवा 15 नोटिकल माइल से चलने लगी। इस कारण धोनी को उस समय जंप नहीं कराया गया। पैराजंपिंग के लिए 7-8 नोटिकल माइल की हवा सामान्य मानी जाती है। तेज हवा में पैराशूट कंट्रोल करना मुश्किल होता है।

धोनी के बाद कूदे पैराट्रूपर को चोट लगी
मलपुरा क्षेत्र के गामरी स्थित पैराड्रापिंग जोन में धोनी की दूसरी पैराजंप में गुरुवार सुबह उनके बाद हवाई जहाज से छलांग लगाने वाले दो पैराट्रूपर लक्ष्य से भटककर दूर जाकर गिरे। एक पास के ही गांव नौ मील में जाकर गिरा। संतुलन बिगड़ने से उसके कंधे में चोट लग गई। दूसरा पैराट्रूपर कागारौल-आगरा रोड पर गिरा। उसे देख एक दुकानदार ने दोनों ओर से ट्रैफिक रुकवा दिया।
माही को भी बहा ले गई हवा
धोनी जब जहाज से कूदे तो हवा अचानक तेज हो गई। पहली जंप में धोनी जमीन पर एकदम सीधे उतरे थे, लेकिन दूसरी में संतुलन कुछ बिगड़ गया। उन्हें हवा बहाकर थोड़ी दूर ले गई। इसके चलते उतरते समय गिर गए। हालांकि उनके साथ उतरे पैराट्रूपर ने उनका पैराशूट तुरंत कंट्रोल कर लिया।

पैराटेक्टिकल पैराशूट से कूदे
धोनी ने दूसरी जंप पैराटेक्टिकल एसॉल्ट-एम  पैराशूट से लगाई। पहली जंप कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने पैराशूट से लगाई थी।
हवाई जहाज नहीं बदला
धोनी ने बुधवार सुबह 7.12 बजे पहली जंप एयरफोर्स के प्लेन एन-32 से लगाई थी। गुरुवार को दूसरी छलांग भी इसी से लगाई।
कंधे पर लगेगा पैराविंग का निशान
अगर धोनी शुक्रवार को अपनी दो और जंप पूरी कर लेते हैं तो उनकी पांच जंप पूरी हो जाएंगी। ऐसा करते ही उनके कंधे पर पैराविंग का निशान (पंख फैलाए हुए चिड़िया) लग जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed