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धान खरीद के लिए पंजीकृत कराए गए 47 गाटा निरस्त
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कासगंज। सरकारी क्रय केंद्रों पर होने वाली धान की खरीद के लिए कराए जा रहे पंजीकरण के सत्यापन में आधे से ज्यादा गाटा फर्जी निकल रहे हैं। अब तक 47 गाटा निरस्त किए जा चुके हैं। अब इन गाटा के किसान खरीद केंद्रों पर अपना धान नहीं बेच सकेंगे।
जिला में धान की खरीद के लिए 15 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर किसान पंजीकरण के बाद ही अपना धान बेच सकते हैं। किसानों ने धान खरीद के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान उन्हीं गाटा का पंजीकरण कर सकते हैं जिनमें उनके द्वारा धान की फसल उगाई जा रही है लेकिन किसान पंजीकरण कराते समय उन गाटा को भी भर रहे हैं जिनमें उनके द्वारा धान की फसल उगाई ही नहीं गई है। शासन से धान खरीद में विचौलियों को रोकने के लिए पंजीकरण के सत्यापन का भी प्रावधान है।
धान खरीद का समय नजदीक आते ही पंजीकरण का सत्यापन शुरू हो गया है। सत्यापन में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। किसानों के द्वारा कराए गए पंजीकरण में आधे से ज्यादा गाटा फर्जी निकल रहे हैं। गाटा फर्जीबाडे़ में सबसे खराब हालात सहवार तहसील क्षेत्र के सामने आए हैं। इस क्षेत्र में 12 किसानों ने 88 गाटा पंजीकृत कराए हैं जिनमें से 33 का सत्यापन हो चुका है। इनमें से 25 गाटा फर्जी निकले हैं। पटियाली तहसील में 22 किसानों ने 113 गाटा पंजीकृत कराए हैं। इनमें से 41 की जांच हो चुकी हैं। जिनमें 19 गाटा फर्जी पाए गए हैं। कासगंज तहसील में 49 किसानों ने 228 गाटा पंजीकृत कराए हैं। इनमें से 9 की जांच के बाद 3 गाटा फर्जी निकले हैं।
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जिला में धान की खरीद के लिए 15 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर किसान पंजीकरण के बाद ही अपना धान बेच सकते हैं। किसानों ने धान खरीद के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान उन्हीं गाटा का पंजीकरण कर सकते हैं जिनमें उनके द्वारा धान की फसल उगाई जा रही है लेकिन किसान पंजीकरण कराते समय उन गाटा को भी भर रहे हैं जिनमें उनके द्वारा धान की फसल उगाई ही नहीं गई है। शासन से धान खरीद में विचौलियों को रोकने के लिए पंजीकरण के सत्यापन का भी प्रावधान है।
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धान खरीद का समय नजदीक आते ही पंजीकरण का सत्यापन शुरू हो गया है। सत्यापन में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। किसानों के द्वारा कराए गए पंजीकरण में आधे से ज्यादा गाटा फर्जी निकल रहे हैं। गाटा फर्जीबाडे़ में सबसे खराब हालात सहवार तहसील क्षेत्र के सामने आए हैं। इस क्षेत्र में 12 किसानों ने 88 गाटा पंजीकृत कराए हैं जिनमें से 33 का सत्यापन हो चुका है। इनमें से 25 गाटा फर्जी निकले हैं। पटियाली तहसील में 22 किसानों ने 113 गाटा पंजीकृत कराए हैं। इनमें से 41 की जांच हो चुकी हैं। जिनमें 19 गाटा फर्जी पाए गए हैं। कासगंज तहसील में 49 किसानों ने 228 गाटा पंजीकृत कराए हैं। इनमें से 9 की जांच के बाद 3 गाटा फर्जी निकले हैं।
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