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Agra News: श्याम संकीर्तन महोत्सव में भजनों पर झूमे भक्त
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श्याम संकीर्तन महोत्सव में भजन गाते गायक
आगरा। नए साल के उपलक्ष्य में द आगरा जैमिंग क्लब एवं इस्कॉन की ओर से अमर विहार दयालबाग में रविवार को श्याम संकीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्याम प्रेमियों की भीड़ उमड़ी। भजनों की अमृत वर्षा में डूबे सैकड़ों कृष्ण भक्त देर शाम तक डुबकी लगाते रहे और हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे, हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे की मधुर धुनों पर झूमते रहे।
वाद्ययंत्रों की मधुर धुन के बीच जब श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी..., गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो..., काली कमली वाला मेरा यार है..., रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम आदि भजन कार्यक्रम स्थल पर गूंजे तो संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। हर जुबां राधा-श्याम का गुणगान करने लगी। भजन गायकों के सुर में सुर मिलाते श्यामप्रेमी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते रहे।
इस्कान से जुड़ीं अशु मित्तल ने बताया कि नव वर्ष का स्वागत प्रभु श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण और संकीर्तन से ही संभव है। संगीत जब भक्ति से जुड़ता है तो वह आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम बन जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी और समाज को सकारात्मक, आध्यात्मिक दिशा देना था।
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इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने कहा कि प्रभु श्रीकृष्ण का नाम लेने से मन में शांति, हृदय में प्रेम और जीवन में संतुलन बना रहता है। नए साल की शुरुआत यदि हरिनाम से हो तो पूरा वर्ष प्रभु की कृपा और आनंद से परिपूर्ण रहता है। कहा कि सामूहिक संकीर्तन से आपसी प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का भाव प्रबल होता है। संयोजक आर्या गर्ग और रिया अग्रवाल रहीं।
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वाद्ययंत्रों की मधुर धुन के बीच जब श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी..., गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो..., काली कमली वाला मेरा यार है..., रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम आदि भजन कार्यक्रम स्थल पर गूंजे तो संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। हर जुबां राधा-श्याम का गुणगान करने लगी। भजन गायकों के सुर में सुर मिलाते श्यामप्रेमी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते रहे।
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इस्कान से जुड़ीं अशु मित्तल ने बताया कि नव वर्ष का स्वागत प्रभु श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण और संकीर्तन से ही संभव है। संगीत जब भक्ति से जुड़ता है तो वह आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम बन जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी और समाज को सकारात्मक, आध्यात्मिक दिशा देना था।
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इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने कहा कि प्रभु श्रीकृष्ण का नाम लेने से मन में शांति, हृदय में प्रेम और जीवन में संतुलन बना रहता है। नए साल की शुरुआत यदि हरिनाम से हो तो पूरा वर्ष प्रभु की कृपा और आनंद से परिपूर्ण रहता है। कहा कि सामूहिक संकीर्तन से आपसी प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का भाव प्रबल होता है। संयोजक आर्या गर्ग और रिया अग्रवाल रहीं।