चिंता: आगरा में नहीं टूटी डेंगू की चेन, न्यूनतम तापमान दस डिग्री से कम होने पर भी मिल रहे मरीज
इस वर्ष जिले में 1159 मरीजों में डेंगू मिल चुका है। जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या रही है। वर्ष 2018 में 190, वर्ष 2019 में 144 और वर्ष 2020 में डेंगू के कुल 25 मामले ही सामने आए थे।
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कम तापमान में प्रभावी नहीं होते मच्छर
विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के बाद डेंगू फैलाने वाले मच्छर प्रभावी नहीं होते। 29 नवंबर से 11 दिसंबर तक 13 दिनों में डेंगू के कुल 28 नए मामले सामने आए हैं। इस हफ्ते सोमवार से शनिवार तक कुल 12 नए मामले सामने आ चुके हैं। इस हफ्ते में डेंगू के नए मामले किसी भी दिन तीन से अधिक नहीं रहे। बृहस्पतिवार को संख्या एक थी। किसी भी दिन संख्या शून्य नहीं हुई है। शनिवार को जिले में दो नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।
संक्रमण 21 दिन तक रहता है
तापमान में गिरावट आने के साथ डेंगू के मरीजों संख्या लगातार कम हो रही है। डेंगू के मच्छर काटने पर संक्रमण 21 दिन तक रहता है। म्यूटेशन होता रहता है। इससे मरीज अभी तक आ रहे हैं। उम्मीद है कि एक हफ्ते में डेंगू के मरीजों का आना बंद हो जाएगा। बाहर ठंडा होने से मच्छर घरों में छिपते हैं। कोशिश करनी चाहिए कि मच्छर घर में न हों। - डॉ. अरुण श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी
इस वर्ष 1159 मरीजों में डेंगू मिल चुका
इस वर्ष जिले में 1159 मरीजों में डेंगू मिल चुका है। जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या रही है। वर्ष 2018 में 190, वर्ष 2019 में 144 और वर्ष 2020 में डेंगू के कुल 25 मामले ही सामने आए थे। इस वर्ष डेन टू स्ट्रेन का कहर रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में सात मरीजों की डेंगू से मौत हो चुकी है।
डेंगू के मच्छर अब कम प्रभावी
तापमान कम होने के साथ डेंगू के मच्छर अब कम प्रभावी हैं। कम मामले आ रहे हैं। डेंगू की जांचें भी कम हो गई हैं। स्थिति नियंत्रण में है। तापमान में कुछ और गिरावट होने के साथ चेन पूरी तरह से टूट जाएगी। - डॉ. आरती अग्रवाल, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एसएन मेडिकल कॉलेज
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