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मैनपुरी पहुंची मॉस्कीटो फिश, सात तालाबों में करेगी लार्वा का सफाया
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11एमएनपी-12-सिकंदरपुर स्थित तालाब में मॉस्कीटो फिश छोड़ते एडीपीआरओ रोहित कुमार
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले के तालाबों में लार्वा को पनपने से रोकने के लिए प्रशासन ने मॉस्कीटो फिश मंगाई थी। बुधवार को बदायूं से आई मॉस्कीटो फिश सात तालाबों में छोड़ी गई। ये वे तालाब हैं, जिनके आसपास डेंगू और मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं।
जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रशासन ने मॉस्कीटो फिश के नाम से प्रसिद्ध गैंबुसिया एफिंस मछली मंगाई थी। इसकी खासियत है कि ये मच्छरों का लार्वा खाकर खत्म कर देती है। इसके लिए मत्स्य विभाग की टीम को बदायूं भेजा गया था। बुधवार को बदायूं से मॉस्कीटो फिश के 30 पैकेट लेकर विभागीय टीम मैनपुरी पहुंची।
प्रत्येक पैकेट में औसतन चार सौ मछलियां थीं। इनकी लंबाई तीन से चार सेंटीमीटर है। सीडीओ के निर्देशन में एडीपीआरओ रोहित कुमार और मत्स्य विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने जिले के सात तालाबों में इन्हें छोड़ा। ये वे तालाब हैं, जिनके आसपास डेंगू पीड़ित मरीज मिल चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि सिकंदरपुर, करीमगंज, अंजनी, संसारपुर, हरिहरपुर, खरपरी और राजा का ताल नगरिया में तीन-तीन पैकेट की दर से मछलियां छोड़ी गई हैं। इस दौरान जिला समन्वयक नीरज शर्मा, एडीओ पंचायत प्रशांत यादव भी मौजूद रहे।
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मत्स्य पालन विभाग कराएगा मछलियां की ब्रीडिंग
बदायूं से प्राप्त मॉस्कीटो फिश की अब मैनपुरी में ही मत्स्य पालन विभाग ब्रीडिंग कराएगा। मत्स्य विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रति माह इस मछली की ब्रीडिंग होती है। इसके लिए तीन हजार मछलियों का प्रयोग किया जाएगा। उत्पादन के अनुसार अन्य तालाबों में भी इसे हर माह छोड़ा जाएगा।
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वर्जन
पहले चरण में सात तालाबों में मॉस्कीटो फिश छोड़ी गई है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा अब मैनपुरी में ही इसकी ब्रीडिंग कर अन्य तालाबों में भी इसे छोड़ा जाएगा। इससे संचारी रोगों के नियंत्रण में मदद मिलेगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रशासन ने मॉस्कीटो फिश के नाम से प्रसिद्ध गैंबुसिया एफिंस मछली मंगाई थी। इसकी खासियत है कि ये मच्छरों का लार्वा खाकर खत्म कर देती है। इसके लिए मत्स्य विभाग की टीम को बदायूं भेजा गया था। बुधवार को बदायूं से मॉस्कीटो फिश के 30 पैकेट लेकर विभागीय टीम मैनपुरी पहुंची।
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प्रत्येक पैकेट में औसतन चार सौ मछलियां थीं। इनकी लंबाई तीन से चार सेंटीमीटर है। सीडीओ के निर्देशन में एडीपीआरओ रोहित कुमार और मत्स्य विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने जिले के सात तालाबों में इन्हें छोड़ा। ये वे तालाब हैं, जिनके आसपास डेंगू पीड़ित मरीज मिल चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि सिकंदरपुर, करीमगंज, अंजनी, संसारपुर, हरिहरपुर, खरपरी और राजा का ताल नगरिया में तीन-तीन पैकेट की दर से मछलियां छोड़ी गई हैं। इस दौरान जिला समन्वयक नीरज शर्मा, एडीओ पंचायत प्रशांत यादव भी मौजूद रहे।
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मत्स्य पालन विभाग कराएगा मछलियां की ब्रीडिंग
बदायूं से प्राप्त मॉस्कीटो फिश की अब मैनपुरी में ही मत्स्य पालन विभाग ब्रीडिंग कराएगा। मत्स्य विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रति माह इस मछली की ब्रीडिंग होती है। इसके लिए तीन हजार मछलियों का प्रयोग किया जाएगा। उत्पादन के अनुसार अन्य तालाबों में भी इसे हर माह छोड़ा जाएगा।
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वर्जन
पहले चरण में सात तालाबों में मॉस्कीटो फिश छोड़ी गई है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा अब मैनपुरी में ही इसकी ब्रीडिंग कर अन्य तालाबों में भी इसे छोड़ा जाएगा। इससे संचारी रोगों के नियंत्रण में मदद मिलेगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।